कच्चे तेल की कीमतों में कमी लाने के लिए योजना बना रही सरकार

नई दिल्ली : भारत कच्चे तेल की कीमतों में कमी लाने के लिए अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के साथ तालमेल बिठाकर अपने रणनीतिक तेल भंडार से 50 लाख बैरल तेल की निकासी की योजना बना रहा है। सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि आपातकालीन स्टॉक से निकाले जाने वाले इस कच्चे तेल को मंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (एमआरपीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) को बेचा जाएगा। ये दोनों सरकारी तेल शोधन इकाइयां रणनीतिक तेल भंडार से पाइपलाइन के जरिये जुड़ी हुई हैं।

अधिकारी ने कहा कि इस योजना के बारे में जल्द ही औपचारिक घोषणा की जाएगी। उन्होंने कहा कि सात-दस दिनों में तेल निकासी की यह प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। जरूरत पड़ने पर भारत अपने रणनीतिक भंडार से और भी अधिक कच्चे तेल की निकासी का फैसला ले सकता है। भारत के पश्चिमी और पूर्वी दोनों तटों पर रणनीतिक तेल भंडार स्थित हैं। इनकी सम्मिलित भंडारण क्षमता करीब 3.8 करोड़ बैरल तेल की है। ऐसे में भारत ने कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में जारी तेजी के बीच अन्य बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के साथ मिलकर अपने आपातकालीन तेल भंडार से निकासी का मन बनाया है।