गुरुनानक महिमा


गुरु नानक जी आपका, जन्म दिवस है आज।

सिक्ख मनाते हैं खुशी, पूजन करे समाज।।

सारे गुरुओं के गुरू, जपे आपका नाम।

शीश नवाकर वंदना, करते सभी प्रणाम।।


कार्तिक की है पूर्णिमा, सिक्ख धर्म का पर्व।

गुरुनानक की फेरियाँ, लोग निकाले सर्व।।

अनुयायी सिख धर्म के, करते लंगर आज।

भूखों को भोजन मिले, बनते सारे काज।।


हर जाती हर धर्म में, पर्व मनाते लोग।

भेदभाव को छोड़कर, साथ लगाते भोग।

नेह सदा ही राखिए, नहीं त्यागना वेश।

दूर रखें पाखंड सब, यही दिया संदेश।।


मूरत पूजा त्यागना, उर में प्रभु का वास।

मानव सेवा भावना,करे ईश के पास।।

सच्ची सेवा कीजिए, दीन दुखी का साथ।

नेह जरा सा दीजिए, लोग नवायें माथ।।


नानक जी कवि थे बड़े, देशभक्त भंडार।

थी बंधुत्व की भावना, सभी गुणों के साथ।।

भाईचारा आपसी, त्याग समर्पण भाव।

कहते नानक जी सदा, यह गुण देते छाँव।।


देना जीवन में सदा, सच्चाई का साथ।

ईश्वर होते हैं खुशी, नहीं छोड़ते हाथ।।

ईश्वर अल्लाह वाहगुरु, सभी नाम है एक।

तन मन धन से कीजिए, कार्य सदा ही नेक।।


गीता देवी

औरैया उत्तर प्रदेश