दक्षिण अफ्रीका के धुरंधर बल्लेबाज एबी डिविलियर्स ने लिया संन्यास

दक्षिण अफ्रीका के महान खिलाड़ी एबी डिविलियर्स ने सभी तरह के क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया है। उनके इस फैसले का मतलब यह है कि इंटरनेशनल क्रिकेट से पहले ही संन्यास ले चुका यह धुरंधर खिलाड़ी अब आईपीएल में भी नहीं खेलता दिखेगा। उन्होंने संन्यास लेने के बाद रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की पूरी टीम और विराट कोहली को शुक्रिया कहा है। उन्होंने लिखा, ''आरसीबी के लिए खेलते हुए मैंने लंबा समय बिताया है। इस साल मैंने फ्रेंचाइजी के लिए 11 साल पूरे किए हैं और अब लड़कों को छोड़ना बहुत दुखदाई है। बेशक इस निर्णय पर पहुंचने के लिए बहुत समय लगा, लेकिन बहुत सोच-विचार के बाद मैंने संन्यास लेने और अपने परिवार के साथ समय बिताने का फैसला किया है।''

उन्होंने आगे लिखा, ''मैं इस मौके पर आरसीबी मैनेजमेंट, मेरे दोस्त विराट कोहली, टीम के साथियों, कोचों, सपोर्ट स्टाफ, फैन्स और पूरे आरसीबी परिवार को धन्यवाद देना चाहता हूं कि उन्होंने इतने साल तक मुझमें भरोसा दिखाया और मेरा समर्थन किया। यह एक अविश्वसनीय यात्रा रही है। पर्सनली जीवन भर संजोने के लिए बहुत सारी यादें हैं। आरसीबी हमेशा मेरे और मेरे परिवार के बहुत करीब रहेगा और इस अद्भुत टीम का समर्थन करना जारी रखूंगा। मैं हमेशा के लिए आरसीबियन हूं। मैंने अपने बैकयार्ड में बड़े भाइयों के साथ क्रिकेट खेलना शुरू किया और तब से ही पूरे आनंद और जबरदस्त उत्साह के साथ इस खेल को खेला है। 37 साल की उम्र में वह लौ अब उतनी तेज से नहीं जलती। मुझे इस बात को स्वीकारना होगा। यही वजह है कि मैंने संन्यास लेने का ऐलान किया है।''

आईपीएल 2022 से पहले मेगा ऑक्शन होना है और ऐसे में यह आरसीबी के लिए एक बहुत बड़ा झटका है। उनके संन्यास लेने से पहले इस बात की उम्मीद लगाई जा रही थी कि फ्रेंचाइजी उसे रिटेन करेगी। डिविलियर्स ने आईपीएल में 184 मैचों में 39.71 की औसत से 5162 रन बनाए। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 151 से ज्यादा का रहा और उनके बल्ले से 3 शतक और 40 अर्धशतक निकले।

गौरतलब है कि मई 2018 में डिविलियर्स ने संन्यास लेते हुए कहा था कि वह अब काफी थक चुके हैं और आराम करना चाहते हैं। वर्ल्ड कप 2019 से लगभग एक साल पहले लिए गए उनके इस फैसले ने हर किसी को चौंका दिया था। हालांकि, एबी ने बाद में इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी की इच्छा जताई थी, लेकिन उस समय साउथ अफ्रीका क्रिकेट बोर्ड ने उनको साफ मना कर दिया था।