क्रिप्टोकरेंसी की ट्रेडिंग पर मोदी सरकार के प्लान का हालिया जारी रिपोर्ट में हुआ खुलासा

नई दिल्ली : एक हालिया जारी रिपोर्ट में क्रिप्टोकरेंसी के भारत में भविष्य को लेकर केंद्र सरकार की तैयारियों का खुलासा किया गया है। इसमें कहा गया है कि सरकार लोगों को क्रिप्टोकरेंसी खरीदने और उन्हें होल्ड करने से रोकने के लिए कड़े नियम बनाने पर विचार कर रही है। गौरतलब है कि ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि केंद्र सरकार इस शीतकालीन सत्र में क्रिप्टो को लेकर बिल पेश कर सकती है। 

रिपोर्ट में यह दावा सरकार से जुड़े दो सूत्रों के हवाले से किया गया है। सूत्रों ने कहा है कि इन क्रिप्टोकरेंसी या डिजिटल मुद्राओं को भारत में पूरी तरह बैन करने की कोई योजना नहीं है। इसकी जगह सरकार क्रिप्टोकरेंसी को लिस्ट होने और एक्सचेंज पर ट्रेडिंग की इजाजत दे सकती है, जिसे उसने पहले से प्री-अप्रूव किया हुआ है। नाम न छापने की शर्त पर रिपोर्ट में सूत्र बताया है कि जब सरकार किसी क्रिप्टो कॉइन को मंजूरी दे देगी, उसी के बाद उसकी ट्रेडिंग की जा सकेगी या उसे होल्ड किया जा सकेगा। सरकार की मंजूरी के बिना वाले कॉइन की ट्रेडिंग करने या उन्हें होल्ड करने पर जुर्माना लगाया जा सकता है। 

सरकार पहले क्रिप्टो-एसेट्स को खरीदना, बेचना, उनकी माइनिंग करना सहित अन्य गतिविधियों को गैर-कानूनी घोषित करने पर विचार कर रही थी। लेकिन फिर सीकार ने अपने रुख में बदलाव किया और इसके लिए नियामक लाने की सुगबुगाहट तेज हो गई। इसे लेकर हाल ही में संसदीय कमेटी में गहन विचार-विमर्श भी किया गया। सूत्रों के हवाले से इस रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार क्रिप्टोकरेंसी से होने वाले लाभ पर भारी भरकम टैक्स लगा सकती है। एक सूत्र की मानें तो निवेशकों को क्रिप्टो के लाभ पर 40 फीसदी से अधिक का टैक्स भुगतान करना पड़ सकता है। 

केंद्र सरकार की ओर से नवंबर के के अंत में शुरू होने वाले संसद के शीतकालीन सत्र में क्रिप्टोकरेंसी बिल को पेश करने की पूरी संभावना है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस संबंध में हुई चर्चाओं से परिचित दो सूत्रों ने कहा है कि सरकार ने निवेशकों को क्रिप्टोकरेंसी रखने से रोकने के लिए नियमन को कड़ा करने की योजना तैयार की है।

गौरतलब है कि गुरुवार को सिडनी डायलॉग में बात करते हुए प्रधानमंत्री ने क्रिप्टोकरेंसी पर खुलकर बात की। पीएम मोदी अपने संबोधन में कहा था कि दुनिया के सभी लोकतांत्रिक देशों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि क्रिप्टोकरेंसी की पहुंच गलत हाथों में न जाए, यह युवाओं को बर्बाद कर सकती है। बता दें कि मोदी का यह क्रिप्टोकरेंसी को लेकर पहला सार्वजनिक बयान था।

क्रिप्टो से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि लोग क्रिप्टो में निवेश करने का मन बना चुके हैं, सिर्फ इसके रेगुलेट होने का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि क्रिप्टो इंडस्ट्री भी हमेशा से निवेशकों की सुरक्षा को लेकर सजग रही है। इंडस्ट्री से जुड़े लोगों ने पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली और पीयूष गोयल के सामने नियामक लाने की मांग रखी है और अभी भी यह मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आम जनता के निवेश को लेकर सुरक्षात्मक उपाय करना निश्चित तौर पर बेहद जरूरी है। हम ऐसे हर कदम का हम स्वागत करते हैं।