क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन के प्रचलन एवं मूल्य में तीव्र वृद्धि

क्रिप्टो करेंसी लेटिन के दो शब्दों क्रिप्टो और करेंसी शब्दों से मिलकर बना है। लेटिन में क्रिप्टो का अर्थ छिपा हुआ तथा करेंसी को रुपये पैसे के लिए प्रयोग किया जाता है। इस प्रकार क्रिप्टो करेंसी का मतलब छुपा हुआ पैसा, या गुप्त पैसा या डिजिटल रुपया होता है।  क्रिप्टो करेंसी एक प्रकार का डिजिटल पैसा है जिसे कोई व्यक्ति छू नहीं सकता किंतु वह अपने पास संभालकर रख सकता है, यानी यह मुद्रा का एक डिजिटल रूप है जिसे किसी सिक्के या नोट की तरह ठोस रूप में किसी की जेब में नहीं होता है। यह पूरी तरह ऑनलाइन होता है।  क्रिप्टो करेंसी में सबसे अधिक पुरानी करेंसी बिटकॉइन है जिसका प्रचलन 2009 में प्रारंभ हुआ था। वर्तमान में बिटकॉइन के अलावा अन्य क्रिप्टो करेंसी जो प्रचलन में है, उनमें इथर दूसरे, बिनांस कॉइन तीसरे और सोलाना चौथे स्थान पर हैं। क्रिप्टो की कीमतों में तेजी के कारण इसका बाजार पूंजीकरण 3 लाख करोड़ डॉलर हो गया है।  क्रिप्टोकरेंसी  के मूल्य में चढ़ाव-उतार बहुत ज्यादा होता रहा है किंतु कुल मिलाकर इसका मूल्य तेजी से बढ़ता जा रहा है। सबसे अधिक लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन है जिसका वर्तमान में 67,803 डॉलर मूल्य है। जिस तेजी से इसका मूल्य बढ़ रहा है उससे साल के अंत तक  एक लाख डॉलर पहुंच जाने की संभावना है। क्रिप्टो के वर्तमान में 1.5 करोड़ सदस्य हैं। दूसरी क्रिप्टो करेंसी इथर का वर्तमान में 4,825 डॉलर मूल्य चल रहा है। अक्टूबर के बाद से अब तक दोनों करेंसी ने 70 प्रतिशत अधिक रिटर्न दिया है। इसका प्रमुख कारण अमेरिका में क्रिप्टो करेंसीज का विश्व में पहला एक्सचेंज ट्रेंडिंग फंड ईटीआई लॉन्च होना बताया जा रहा है। पिछले सप्ताह बिटकॉइन में 9.5 करोड़ डॉलर की रकम आई थी। भारत सहित सभी देशों में व्यवसायी लोग क्रिप्टो करेंसी में धन का उपयोग करके अपनी आमदनी बढ़ाने का प्रयास करते हैं। राजस्व सचिव तरूण बजाज के अनुसार, भारत में कुछ लोग क्रिप्टो करेंसी पर होने वाली आय पर पूंजीगत भुगतान कर रहे हैं। माल एवं सेवा कर जीएसटी के संबंध में भी कानून है कि इसकी दरें अन्य सेवाओं की तरह लागू होंगी। अनेक व्यापारी पहले से ही इसका भुगतान कर रहे हैं। राजस्व सचिव से यह पूछे जाने पर कि क्रिप्टो करेंसी के ट्रेडिंग में शामिल लोगों ं को ब्रोकर, फेसिलिटेटर और ट्रेडिंग प्लेटफार्म के रूप में वर्गीकृत करके क्या कराधान में शामिल किया जाएगा, इस पर राजस्व सचिव तरूण बजाज का उत्तर था कि जीएसटी कानून के अनुसार जो भी ब्रोक्रेज शुल्क ले रहा है उसे जीएसटी देना होगा।  जहां तक आयकर का सवाल है केन्द्र सरकार आयकर कानूनों में बदलाव करके इसे आयकर के दायरे में लाएगी।

भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा है कि क्रिप्टो करेंसी से देश की आर्थिक एवं वित्तीय स्थिरता को लेकर गहरी चिंताएं जुड़ी हुई हैं। क्रिप्टो करेंसी से जुड़े मुद्दों पर गहन विमर्श की जरूरत है। उन्होंने कहा कि निवेशकों को इसके जरिए लुभाने की कोशिश की जा रही है जैसा कि क्रिप्टो खाता खोलने के लिए ऋण भी दिए जा रहे हैं। वित्त पर संसद की स्थायी समिति ने क्रिप्टोकरेंसी के तमाम पहलुओं को लेकर हितधारकों से चर्चा की जिसमें कुछ सदस्यों ने इस पर प्रतिबंध की बात कही किंतु अधिकांश सदस्यों ने इस पर प्रतिबंध की बजाय नियमन की बात की। ऐसी चर्चा है कि सरकार संसद के आगामी सत्र में क्रिप्टोकरेंसी पर एक विधेयक ला सकती है। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने क्रिप्टो करेंसी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की है।

पिछले सप्ताह क्रिप्टो करेंसी के लेकर एक बैठक हुई थी जिसमें क्रिप्टो बाजार के नियमन, इसके खतरों और दुनिया भर में क्रिप्टो करेंसी को लेकर फैसलों और चलन पर चर्चा की गई थी। इस बैठक में क्रिप्टोकरेंसी पर दावों के बीच चर्चा की गई थी। बैठक में क्रिप्टो निवेश पर भारी रिटर्न के भ्रामक दावों पर चिंताओं के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस मुद्दे पर कहा कि इस तरह के अनियंत्रित बाजारों को धन शोधन और आतंकी वित्तीयन का जरिया नहीं बनने दिया जा सकता। सरकार इस संबंध में जल्द ही मजबूत नियामक उपाय अपनाएगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार को जानकारी है कि यह एक विकसित तकनीक है। वह इस पर कड़ी नजर रखेगी और सक्रिय कदम उठाएगी। सरकार द्वारा उठाए गए कदम प्रगतिशील और आगे की सोच रखने वाले होंगे। 

क्रिप्टोकरेंसी को भले ही भारत में मान्यता नहीं मिली है, किंतु निवेशकों के साथ-साथ आर्थिक अपराधी खासी रुचि दिख रहे हैं। यही कारण है कि पिछले 6 महीनों में 4 लाख से अधिक क्रिप्टो अकाउंट ब्लॉक किए गए हैं। ये संदिग्ध मामले सामने आने पर देश के चोटी के तीन क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंजों, वजीरएक्स, क्वाइनस्विच कुबेर व क्वाइन डीसीएक्स ने उन अकाउंट को ब्लॉक करने की कार्रवाई की है। क्वाइनस्विच कुबेर ने 1.80 लाख अकाउंट सस्पेंड किए हैं। इनके बारे में सरकार को पूरी जानकारी है, इन पर सरकारी नियंत्रण रखने के लिए सरकार 29 नवंबर से प्रारंभ होने वाले सत्र में नियामक बिल लाने जा रही है। भारत सरकार और रिजर्व बैंक दोनों भारत की खुद की डिजिटल करेंसी लाने पर भी विचार कर रहे हैं। शेयर बाजार में शेयरों में भारी गिरावट और उछाल की भांति क्रिप्टोकरेंसी में भी जोरदार गिरावट और उछाल आना चलता रहता है। 18 नवंबर को क्रिप्टोकरेंसी बाजार में अचानक 2.21 प्रतिशत की गिरावट आई। दुनिया की 10 चोटी की क्रिप्टोकरेंसी में से आठ में गिरावट आई है। दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन की कीमत में सबसे अधिक 3.26 प्रतिशत की गिरावट आने से इसकी कीमत 67,803 डॉलर से गिरकर 57,177 रह गई है। बिटकॉइन की कीमत एक महीने के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गई है। दूसरी करेंसी इथेरियम की कीमत 4,825 डॉलर से गिरकर 4161 डॉलर, बाइनेंस क्वाइन की कीमत गिरकर 563 डॉलर, सोलाना गिरकर 204 डॉलर, टेथर की कीमत 204 डॉलर, कार्डोनो गिरकर 1.8 डॉलर, एक्सआरपी गिरकर 1.06 डॉलर, पोल्का डॉट गिरकर 40 डॉलर और डॉजकॉइन गिरकर 0.2263 डॉलर हुई है। इस गिरावट को अल्पकालिक माना जा रहा है। इसी सप्ताह के अंत तक बिटकॉइन की कीमत में तेजी आने की पूरी संभावना है। इसका मूल्य दिसंबर के अंत तक एक लाख डॉलर तक पहुंच जाए तो आश्चर्य नहीं होना चाहिए। अगले साल भारत खुद की क्रिप्टोकरेंसी भी लॉन्च कर सकता है।