पहली मुलाकात

  हमारे दिलों में दबे थे सारे जज्बात।

  सुनो कैसी थी हमारी पहली मुलाकात।।


   न आते न जाते हुई थी हमारी मुलाकात,

   हमें मिलाने वाले थे हम दोनों के तात।


   आए जब वह हमसे मिलने पहली बार,

   सोचा था जुबां पर होंगे कुछ सवालात।


    नजर यूं नजरों से क्या थी टकराई ,

    लब्ज थे खामोश हुई नहीं कोई बात।


    हृदय की धड़कन मैं थी बहुत बेचैनियां,

    सोचकर, कि पता नहीं होंगे क्या हालात।


    बात दिल ने कह दी नैनो की जुबानी ,

    तुमबिन नींद कहाँ आएगी अब सारी रात।


    मौसम था ग्रीष्म, नहीं था बर्षा का नामोनिशाँ,

    तन मन भीगा हुई ऐसी उल्फत की बरसात।


    पहली मुलाकात में शब्दों का न था स्थान,

     नैनों की भाषा में कर ली थी पूरी तहकीकात।


     खो गए इश्के दरिया में हमदोनों जाने कहाँ,

     गीता ने की बयाँ अपनी पहली मुलाकात।।


गीता देवी

औरैया उत्तर प्रदेश