समय

समय बदलते अब यहांँ, लगे जरा नहि देर।

सूर्योदय से है मिटे, अवनी तम का फेर।।

समय बदलता है यहां, जीवन है संग्राम।

साथ वक्त के ही मिले, सबको एक मुकाम।।

मित्र न अपने आपको, समझो तुम कमजोर।

कर्म राह  को सौंप दो ,अपनी जीवन डोर।।

साथ समय के ही चलो ,सब है इसके दास।

समय गया तो सब गया, बाकी क्या है पास।।

समय समय की बात है, समय अधिक बलवान।

करो समय पर काम सब, सही समय पहचान।।

 गर्मी सर्दी समय पर और होय बरसात।

सही समय पर सब मिले, समय बहुत हर्षात।।

समय उचित तब जानकर, कीजे मन की बात।

बिना समय की वार्ता, करती मन आघात।।

समय बड़ा बलवान है, नहीं किसी का जोर।

इसके आगे हार गये, राजा हो या चोर।।

                      रचनाकार ✍️

                      मधु अरोरा