जमीन के तारे

                                                
यह जमीं के तारे हैं,

यह मुस्कान हमारी हैं।

नाम रोशन हमारा करते,

समाज की रीढ यह है बनते।

उज्जवल संस्कार से इन्हें नवाजे,

देश का भविष्य होते हैं सारे।

हमारे जीवन का आधार है होते,

समाज राष्ट्र देश सभी इनके हाथ,

बाल मन तो ऐसा होता,

जैसा रंग दो वैसा होता।

हर पल जिज्ञासा मन में समाए,

जिज्ञासा इनकी शांत करते जाओ।

आगे इन्हें बढ़ाते जाओ।

बच्चे होते शरारती से,

खेलकूद खूब है करते।

मन में इनके विश्वास जगाओ,

आगे इनको खूब बढ़ाओ।

बचपन है प्यारा सा कोमल,

ज्ञान का इनको पाठ पढ़ाओ।

जिस क्षेत्र में इनकी रूचि हो,

मार्गदर्शन तुम करते जाओ।

देश का सुंदर भविष्य होते,

शिक्षा का दीप जलाएं सारे।

हर बच्चे को ज्ञान दिलाएं,

शिक्षित होगा देश हमारा,

मन में विश्वास होगा न्यारा।

भलाई बुराई  का ज्ञान कराएं,

अच्छे बुरे की पहचान कराएं।

बुराई से हम इन्हें बचाएं,

सुंदर सा रूप इनका बनाएं।

बच्चे होते निर्मल प्यारे।।

           रचनाकार ✍️

           मधु अरोरा