PM Kisan: 1.21 लाख किसानों का पेमेंट फेल, ये वजह से लटकी 6.58 लाख की किस्त

PM Kisan Samman Nidhi 10th Installment: पीएम किसान सम्मान निधि की 10 वीं किस्त किस्त 15 दिसंबर तक आने की उम्मीद है। पिछली बार दिसंबर-मार्च की किस्त 25 दिसंबर को जारी की गई थी। लाखों किसानों के आधार, बैंक डिटेल्स, नाम की स्पेलिंग में गलती, बैंक खाता नंबर में त्रुटियों की वजह से किस्त आनी बंद हो गई है। वहीं, अपात्र किसानों पर अब राज्य सरकारें भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। ऐसे में अगर आप चाहते हैं कि आपकी अगली किस्त न रुके तो एक बार अपना स्टेटस जरूर चेक कर लें। 

उत्तर प्रदेश के किसानों की ऐसी समस्याओं के समाधान करने के लिए योगी सरकार राज्य के सभी जिलों में 11 से 13 अक्टूबर तक 'पीएम किसान समाधान दिवस' आयोजित करने जा रहा है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने पीएम किसान से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए जिले स्तर पर 'पीएम किसान समाधान दिवस' चलाने का निर्देश दिया है। इस दौरान समाधान दिवस पर मुख्य रूप से इनवैलिड आधार और आधार के अनुसार नाम सही कराया जाएगा। इसके तहत विकास खंड के राजकीय कृषि बीज भंडार पर 3 दिवसीय डेडीकेटेड कैम्प लगाए जाएंगे।

अगर पूरे देश की बात करें तो अगस्त-नवंबर की 2000 रुपये की लाखों किसानों की किस्त अभी लटकी हुई है। इसमें सबसे ज्यादा पश्चिम बंगाल के 1751736 किसान हैं, जबकि 3388 किसानों का पेमेंट फेल हो गया है। वहीं, दूसरे नबंर पर ओडिशा है। यहां के 1057251 किसानों की पेमेंट लटक गई है। तीसरे स्थान पर काबिज उत्तर प्रदेश के 658376 किसानों की किस्त लटक गई है। इस बार पेमेंट फेल होने वाले खातों की संख्या भी अधिक है यानी सरकार ने पैसा तो भेजा, लेकिन किसानों के खातों में नहीं पहुंचा। ऐसे लाभार्थियों की सबसे ज्यादा संख्या उत्तर प्रदेश के किसानों की है। यहां 121676 किसानों के खातों में पैसा पेमेंट फेल होने की वजह से पहुंचा ही नहीं है।

बता दें प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना अंतर्गत कृषि विभाग द्वारा केंद्र सरकार को भेजे गए कुछ सत्यापित आवेदनों में PFMS द्वारा फंड ट्रांसफर के समय कई तरह की गलतियां पायी गईं, जिससे किस्त की रकम ट्रांसफर नहीं हो पा रही। इस वजह से आवेदन में हुई गलतियों को सुधार के लिए वापस भेज दी जा रही हैं।

इन वजहों से फंस जाती है किस्त

किसान का नाम “ENGLISH” में होना जरूरी है 

जिन किसान का नाम आवेदन में “HINDI” में है, कृपया नाम संशोधित करें।

आवेदन में आवेदक का नाम और बैंक अकाउंट में आवेदक का नाम भिन्न होना

किसान को अपने बैंक शाखा जा कर बैंक में अपना नाम आधार और आवेदन में दिये गए नाम के अनुरूप करना होगा।

IFSC कोड लिखने में गलती।

बैंक अकाउंट नंबर लिखने में गलती।

गांव के नाम में गलती।

उपर्युक्त सभी प्रकार की त्रुटियों में सुधार के लिए आधार सत्यापन जरूरी है। आधार सत्यापन के लिए किसान अपने निकटतम CSC/वसुधा केंद्र/ सहज केंद्र से संपर्क करें।