राहुल की टीम में शामिल होंगे बिहार के पप्पू, जाप का होगा कांग्रेस में विलय

पटना : कांग्रेस ने बिहार में अपनी जमीन को वापस पाने का प्रयास करना शुरू कर दिया है. कन्हैया कुमार के बाद अब कांग्रेस में पप्पू यादव की इंट्री होने जा रही है. खबर के अनुसार पप्पू यादव की जन अधिकार पार्टी का कांग्रेस में विलय होने जा रहा है. वैसे इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन दोनों दलों की ओर से जो बयान आ रहे हैं, उससे घोषणा की मात्र अब औपचारिकता ही रह गयी है.कन्हैया कुमार के बाद पप्पू यादव का कांग्रेस में आना बिहार की सियासत में बड़े बदलाव के संकेत दे रहे है. पप्पू यादव की पत्नी रंजीत रंजन कांग्रेस में हैं और वह कांग्रेस की सांसद भी रह चुकी हैं. लेकिन राजद के कारण गठबंधन में पप्पू की इंट्री नहीं हो पायी थी. उपचुनाव में कांग्रेस और राजद में उभरे मतभेद के बाद पप्पू का कांग्रेस के करीब आना स्वभाविक है.

पप्पू यादव की पार्टी जाप के कांग्रेस में विलय को लेकर कांग्रेस विधायक दल के नेता अजीत शर्मा ने इतना भर कहा है कि जाप पार्टी से बात चल रही है. जाप के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष अखलाक अहमद कांग्रेस से बात कर रहे हैं. पार्टी मर्जर पर बातचीत के लिए पप्पू यादव से भी बात होगी.

इस बीच, पप्पू यादव ने भी एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि पूरे देश में किसानों पर जुल्म हो रहा है. महंगाई चरम सीमा पर है और युवा आत्महत्या करने पर मजबूर हैं. आम आदमी परेशान है और जातियों की नफरत को हमलोग जी रहे हैं, ऐसे में कांग्रेस को मजबूत होना चाहिए.मैं ऐसा मानता हूं कि कांग्रेसी अभी बिहार में राजद से अलग होकर अपनी विचारधारा के साथ नये बिहार के निर्माण की बात करे. पप्पू ने कहा कि अगर कांग्रेस ऐसा करती है तो हमारी पार्टी निश्चित रूप से कांग्रेस को सपोर्ट करेगी. दूसरी ओर जाप और कांग्रेस के विलय पर कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेमचंद सिंह ने कहा कि बिहार में कांग्रेस को सशक्त बनना है तो वैशाखी छोड़ना होगा. 

पप्पू यादव कांग्रेस का साथ देने के लिए तैयार हैं. कांग्रेस के साथ जाने को लेकर पार्टी के नेताओं के साथ बैठक कर फैसला लिया जाएगा. सूत्रों की माने तो बात लगभग तय हो चुकी है. कुछ बिंदूओं पर एक राय नहीं बन पायी है. कांग्रेस इस विलय को राज्य स्तर पर रखना चाहती है, जबकि जाप की मांग है कि यह कार्यक्रम दिल्ली के कांग्रेस कार्यालय में हो. जाप का कहना है कि राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बाद पप्पू यादव ही बिहार के यादवों के बड़े नेता हैं. ऐसे में उनकी पार्टी का विलय राष्ट्रीय स्तर पर हो.