चूहों की चौपाल

चौपाल लगी चूहे राजा की,सबने मिलकर हिस्सा लिया। 

संगठन शक्ति के बलबूते,राजा ने संदेश दिया।। 

मेरी जान के दुश्मन जैसे कुत्ते और बिल्ली।

 इनके साथ में मिली हुई है चुनिया भौजी निठल्ली।।

जिससे हम सबकी आजादी पर खतरा मंडरा रहा है। 

चुनाव जीतना मुश्किल होगा,आगे चुनाव भी आरहा है।।  

कानून के कसते सिकंजे से,  घिग्घी सबकी बंधी हुई है। 

हाईप्रोफाइल सीट हमारी,सबकी नजरें लगी हुई है।।

 बीरबल की खिचड़ी भी अब तो, बिना आंच की पकने लगी है।

अपने घर का सारा भेद चुनिया भौजी  बकने लगी है।।

पहले अपना घर ठीक करो। फिर बाद का सपना ठीक करो।। 

जीत की बाजी हासिल करके,तब अपना मुंह मीट्ठ करो।।

 खास बात का ध्यान रखो,इस बार हम बूढे बच्चों से दूर रहेंगे।

खुद के चमचों से दूर रहेंगे।।

शाले इधर उधर बतियाते हैं।

खूब हमारा खाते हैं । 

मौके पर ए मेरा नहीं दूसरे की गाते हैं।।

खैर ए सब बातें छोड़ो,तुम सब आगे का हाल सूनो।

आंधी और तुफान के संग होने वाला बवाल सूनो।।

हम किसी से कम नहीं,हम निर्दल भी लड़ सकते हैं।

दंगा कराकर अपना दोष ,दूसरे पर मढ सकते हैं।।

हम हर हथकंडा अपनाएंगे। 

अलवत्ता जेल हम जाएंगे।।

अपने उसूल के पक्के हैं हम,पग पीछे नहीं हटा सकते।

सत्ता की कुर्सी के खातिर, किसी भी हद तक जा सकते।।

तुम सब आगे की खेती देखो।

झूठ साच का  पासा फेको ।। 

हम तरकीब सभी अपनाएंगे।

सौ प्रतिशत गारंटी है हम फर्स्ट डिवीजन आएंगे।

गौरीशंकर पाण्डेय सरस