आमसभा

भेड़िये ने हाक लगाई

कल एक आमसभा होगी।

जब आये हैं हम सत्ता में

न किसी के साथ दगा होगी।

कौए ने फिर खबर दौड़ाई

सुबह हुई सभा जुट आई।

भेडिये ने फिर किया इशारा

सचिव सियार सभा बीच आया।

मुद्दा रखा पटल पर उसने

गिद्ध ने इसपर नजर गड़ाई

बगुले ने फिर ध्यान लगाया

गीदर के समझ से परे था

उसने हाँ में हाँ मिलाई।

तीतर, बटेर ने किया विरोध

निर्णय से असहमति जताई

दबे-कुचले का औकात ही क्या है

गरुड़ ने निर्णायक मत रखा

भेड़िये की बाँछे खिल आई।

    

प्रतिभा कुमारी

त्रिवेणीगंज,सुपौल-बिहार