"ऑनलाइन शोपिंग सही या गलत"

आजकल ऑनलाइन शोपिंग का चलन बढ़ गया है, क्रेज़ कहे या पागलपन? एक तरफ़ लोग आर्थिक मंदी को लेकर हाय तौबा मचा रहे है और एक तरफ खरीदारी में लाईन लगी हुई है। उसमें भी ऑनलाइन शोपिंग सहुलियत के हिसाब से नौकरी पेशा लोगों का काम बहुत आसान कर देती है। घर बैठे जो चीज़ चाहो मिल जाती है। 

उपर से पसंद न आने पर वापस की जाती है, या चीज़ टूटी फूटी निकलने पर कैश बैक की सुविधा अलग से, तो कौन मार्केट तक जाने की तस्दी लेगा। पर ऑनलाइन शोपिंग में सतर्कता बहुत जरूरी है। कई बार ब्रांडेड चीज़ के बदले नकली माल भी मिल जाता है, तो पूरी छानबीन के बाद ऑनलाइन शोपिंग करनी चाहिए।

असली और नकली माल में फर्क करने का एक तरीका यह है कि ब्रांड की आधिकारिक वेबसाइट पर उत्पाद के बारे में जानकारी हासिल की जाए। उत्पादन के मॉडल नंबर के जरिए उसके बारे में जानकारी ले सकते हैं। यदि हम ऑनलाइन मोबाइल फोन खरीद रहे है, तो बॉक्स के ऊपर छपे आईएमईआई नंबर को भी देखें और उत्पाद को खरीदने से पहले इसे ब्रांड की आधिकारिक वेबसाइट से मिलाए।

नकली उत्पादों की समस्या सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि दुनिया भर में है। ई-कॉमर्स साइट बाजार के मॉडल पर काम करती हैं और लाखों थर्ड पार्टी विक्रेताओं के साथ यह जांचना मुश्किल होता है कि उतापादक असली माल बेच रहे है।

अमेजॉन पर आपको कुछ उत्पादों के खिलाफ 'अमेजॉन फुलफील्ड' टैग मिलेगा,  इस उत्पाद को थर्ड पार्टी विक्रेताओं की तरफ से पेश किया जाता है लेकिन इस आइटम को आपको अमेजॉन पूर्ति केंद्र से भेजा जाता है। इस मामले में, इन उत्पादों की बिक्री का काम अमेजॉन द्वारा किया जाता है। इसी तरह, फ्लिपकार्ट पर, आपको कुछ उत्पादों के खिलाफ 'फ्लिपकार्ट आश्वासित' टैग मिलेगा।

साथ में विक्रेता और उत्पाद की रेटिंग जरूर चेक करें। खरीदारी करते समय नकली उत्पाद का पता लगाना कई बार काफी मुश्किल हो जाता है। यदि आप किसी उत्पाद के बारे में आशंकित हैं, तो सबसे पहले आप विक्रेता की रेटिंग और उत्पाद की समीक्षा को देख सकते है। माल की विश्वसनीयता के लिए ये रेटिंग और समीक्षा दोनों उपयोगी टूल है।

वैसे ऑनलाइन शोपिंग में रिटर्न पॉलिसी प्लस प्वाइंट है, जिस पर हमें खास ध्यान देने की जरूरत है। एक स्पष्ट रिटर्न पॉलिसी खरीदारों के आत्मविश्वास को बढ़ाती है। उसे लगता है कि वह जो प्रोडक्ट खरीद रहा है वह वास्तविक है।

भारी छूट के झांसे में नहीं आना चाहिए, 

त्योहारी सीज़न सेल के दौैरान छूट के लालच में आकर अधिक खरीदारी न करें। इससे बजट बिगड़ सकता है। साथ ही ये भी ध्यान रखें नए लॉन्च हुए सामानों पर छूट मुश्किल से मिलती है। 

ऑनलाइन बेवसाइट्स पर सौदर्य प्रसाधन, परफ्यूम जैसे उत्पादों पर भारी छूट मिलती रहती है। इसके लालच में न आएं, क्योंकि ज्यादातर ऐसे उत्पादों पर साफ रिटर्न पॉलिसी नहीं होती है। ज़्यादातर ऑनलाइन खरीदारों का कहना होता है कि उन्हें परफ्यूम और खुशबू से जुड़े उत्पाद नकली मिले है।

अगर नकली सामान आ गया है तो आप प्रोडक्ट की वापसी या मनी बेक के लिए विक्रेता की पहचान करें। ईकॉमर्स वेबसाइट को सूचित करना चाहिए और उन्हें ऐसे विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए शिकायत दर्ज करवानी चाहिए। संतोषजनक प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर इसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर उठा सकते हो। जिस तरह हर चीज़ के दो पहलू होते है एक अच्छा और एक बुरा वैसे ही ऑनलाइन शोपिंग में सहुलियत और सतर्कता दो पहलू को समझते हुए शोपिंग करनी चाहिए।

भावना ठाकर 'भावु' (बेंगुलूरु, कर्नाटक)