आचरण में बदलाव ही तीर्थ यात्रा की सार्थकता: सभापति माली

तीर्थ यात्रा संघ लौटा बाड़मेर, 140 तीर्थ यात्रियों का हुआ शहर भर में भव्य स्वागत

बाड़मेर । जैन साधर्मिक वर्षीतप समिति, बाड़मेर के बैनरतले 29 सितम्बर को बाड़मेर शहर से वर्षीतप आराधकों सहित 140 तीर्थ यात्रियों का यात्रा संघ शनिवार को सकुशल बाड़मेर पहुंचा । जहां शहर भर में सम्मेद शिखर तीर्थ यात्रियों का जैन समाज की ओर से भव्य स्वागत किया गया । और तीर्थ यात्रियों को ढ़ोल-ढ़माकों के साथ बधाया गया । जिस कड़ी में चौबीस गांव भवन में तीर्थ यात्रियों के स्वागत में उनके परिजनों द्वारा आयोजित समारोह में नगर परिषद सभापति दीलिप माली, पार्षद प्रतिनिधि प्रवीण सेठिया, सामाजिक कार्यकर्ता मुकेश बोहरा अमन सहित शहर के गणमान्य नागरिकों ने वर्षीतप समिति के अध्यक्ष सुरेश फौजी, व्यवस्थापक गौतम संखलेचा, गौतम जैन सहित 140 तीर्थ यात्रियों का गर्मजोशी के साथ स्वागत व अभिनन्दन किया गया ।

सामाजिक कार्यकर्ता मुकेश बोहरा अमन ने बताया कि जैन साधर्मिक वर्षीतप समिति, बाड़मेर के बैनरतले आयोजित ग्यारह दिवसीय बाड़मेर से सम्मेत शिखरजी यात्रा संघ बाड़मेर ने हरी झण्डी दियााकर रवाना किया था । जो संघ शनिवार को सकुशल पुनः थार नगरी बाड़मेर पहुंचा । जिसको लेकर शहर भर शनिवार को दिनभर उत्सव जैसा माहौल रहा और जैन समाज के लोगों ने तीर्थ कर लौटे यात्रियों को उनके घर जाकर बधाई और शुभकामनाएं दी । जिस कड़ी में शाम को चौबीस गांव भवन हमीरपुरा में भव्य स्वागत समारोह आयोजित हुआ । जिसमें बड़ी संख्या में जैन समाज व उनके परिचितों ने शिरकत की तथा धर्मिक यात्रा कर लौटे अपने बन्धुओ ंव मित्रों को मालाएं पहनाकर बधाइयां दी ।

नगर परिषद, बाड़मेर के सभापति दीलिप माली ने सभी तीर्थ यात्रियों का स्वागत करते हुए कहा कि आचरण में सकारात्मक बदलाव से ही तीर्थ यात्रा की सार्थकता सिद्ध होगी । माली ने कहा कि हमें नेकी के मार्ग को अपनाते हुए इस जीवन को सादगी व सौम्यता से भरा बनाना है । ताकि हमारे जीवन की महक से अन्य को प्रेरणा मिले ।

समिति अध्यक्ष सुरेश फौजी ने बताया बताया कि ग्यारह दिवसीय यात्रा संघ परम पूज्य खरतरगच्छाचार्य जिन मनोज्ञागर सूरिश्वरजी मसा आदि ठाणा के मंगल आशीर्वाद एवं भामाशाह श्रीमति मोहनीदेवी धर्मपत्नि स्वर्गीय श्री मोहनलाल सेठिया, प्रवीण सेठिया-पंकज सेठिया, आर्यन, रिद्धिमा तथा श्रीमति सुआ देवी धर्मपत्नि स्वर्गीय श्री बंशीधर संखलेचा विशाखा एक्सपोर्टस, ईरोड-तिरूपति-मुम्बई-बाड़मेर की सहयोग से आयोजित हुआ । जिनका संघ की ओर से अभिनन्दन व आभार ज्ञापित किया गया ।

 व्यवस्थापक गौतम संखलेचा ने बताया कि सम्मेद शिखरजी यात्रा संघ में सम्मेद शिखरजी, ऋुबालिका, गिरिहोर, भागलपुर, चम्पापुर, लछवाड, गुणावा, पावापुरी, कुण्डलपुर, राजगिरि सहित दो दर्जन से अधिक जैन तीर्थाें की यात्रा की गई ।  यात्रा संघ में वर्षीतप आराधकों सहित 140 तीर्थ यात्री शामिल रहे । विभिन्न तीर्थाें की यात्रा कर सम्मेद शिखरजी तीर्थ यात्रा संघ 9 अक्टुम्बर को पुनः बाड़मेर पहुंचा । सभी तीर्थ यात्रियों ने संघ के सुखद अनुभव बांटते हुए संघ व उसकी व्यवस्था की सहराना की ।

सम्मेद शिखरजी यात्रा संघ के बाड़मेर वापसी पर आयोजित स्वागत समारोह में समिति अध्यक्ष सुरेश फौजी, व्यवस्थापक गौतम संखलेचा, कोषाध्यक्ष गौतम जैन, पूर्व पार्षद रतनलाल बोहरा, प्रवीण सेठिया, पार्षद मनोज पारख, पार्षद पंकज सेठिया, उपाध्यक्ष मुरलीधर संखलेचा, पुरूषोतम जैन गुडामालानी, सिरेमल बोहरा, मुकेश बोहरा अमन, गौतम लूणिया, अशोक बोहरा, दीपक बोहरा, सुनील छाजेड, हितेष भंसाली, अंकित जैन, गौतम बोथरा सहित जैन धर्म प्रेमी बन्धु माताएं-बहिनें उपस्थित रही ।