करण मेहरा और परिवार को मिली अग्रिम जमानत, अब निशा रावल से लड़ाई के लिए तैयार है एक्टर

टीवी एक्टर करण मेहरा अपनी पत्नी निशा रावल के साथ चल रहे विवाद के बाद सुर्खियों में बने हुए है। उनके झगडे ने इस कदर आग पकड़ी कि दोनों कि लड़ाई दुनिया कि नजरो से छिप नहीं पाई। कपल ने एक दूसरे पर सरेआम इल्जामो की बारिश की और इलजाम भी ऐसे संगीन थे कि सब हैरान रह गए। निशा रावल ने तो करण मेहरा पर घरेलू हिंसा का केस भी दर्ज करवाया था। जिसके बाद अब उन्हें कोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई है।

इस बारे में बताते हुए करण मेहरा ने खुशी व्यक्त की और कहा, अग्रिम जमानत के चलते अब निशा ने मेरे और परिवार के खिलाफ जो गलत केस दायर किया है इससे हमें कोई सीधे गिरफ्तार नहीं कर पाएगा। करण मेहरा ने यह भी कहा कि वह अब लड़ाई लड़ने के लिए तैयार है। करण मेहरा ने यह भी कहा, परिवार को अग्रिम जमानत मिलना बड़ी राहत की बात है। हमारे खिलाफ जो गलत आरोप लगाए गए हैं, हम उसके खिलाफ लगातार लड़ाई लड़ रहे हैं।

आपको बता दे, 31 मई को करण मेहरा की पत्नी निशा रावल ने घरेलू हिंसा का आरोप लगाकर केस दर्ज करवाया था। निशा रावल ने करण मेहरा पर आरोप लगाया कि उन्होंने 1 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि उनके बैंक अकाउंट से निकाली है। जिसके बाद करण मेहरा को गिरफ्तार किया गया था। हालांकि बाद में उन्हें जमानत दे दी गई थी। करण मेहरा और उनके परिवार के खिलाफ आईपीसी की धारा 498 ए, 406, 323, 504 और 506 के तहत मामला दर्ज किया गया था। करण मेहरा ने इस बारे में बताते हुए कहा था, यह सभी धाराएं प्रताड़ना, दहेज, हिंसाचार के आरोपों पर आधारित है। जो मेरी पत्नी ने मेरे खिलाफ लगाए थे। इसमें मेरे माता- पिता और छोटा भाई शामिल है लेकिन मेरे माता- पिता पिछले 2 सालो से मुंबई आए नहीं हैं। 

इसके चलते मुंबई हाई कोर्ट ने मुझे और मेरे परिवार को राहत दी है। करण मेहरा ने यह भी कहा कि उनके परिवार को गलत तरीके से केस में फंसाया जा रहा है। उन्होंने कहा, श्मेरे लिए बहुत चुनौतीपूर्ण रहा लेकिन कोर्ट ने जमानत दे दी है। अब मेरे भाई और माता- पिता को झूठे आरोपों में गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। मेरे पास मेरी बेगुनाही साबित करने का सबूत है। उसे कोर्ट में दिखाऊंगा। ऐसे कानून महिलाओं के लिए ज्यादा फेवरेबल है। अब मैं कोर्ट में केस लडूंगा क्योंकि अब तक गिरफ्तारी की तलवार लटकी थी कि कोई भी कुछ भी बोलेगा और अरेस्ट हो सकती है पर अब एक रिलीफ है। मैं मेरी वकील का आभारी हूं।