सीएमओ ने संचारी रोग नियंत्रण अभियान का हरी झंडी दिखा कर किया शुभारंभ

मुख्य चिकित्साधिकारी ने अपने कार्यालय प्रांगण में मंगलवार को “विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तृतीय चरण” (19 अक्टूबर से 17 नवम्बर 2021) का शुभारंभ जिले की सचल मशीनों और सफाई कर्मियों के दस्तों को हरी झंडी दिखा कर किया। इस मौके पर अन्य विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ श्याम नरायन दुबे ने बताया कि इस तीसरे चरण संचारी रोग नियन्त्रण अभियान के अन्तर्गत जिले में साफ सफाई, कचरा निस्तारण एवं छिड़काव तथा प्रचार प्रसार किया जायेगा ताकि शासन की नीतियों के अनुसार शत प्रतिशत लक्ष्य की प्राप्ति हो सके।

उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ वी.के. यादव ने बताया कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग एईएस/जेई रोकथाम एवं नियन्त्रण की गतिविधियों हेतु राज्य, जनपद, ब्लाक तथा पंचायत/ग्राम स्तरों पर विभिन्न विभागों के बीच समन्वय हेतु विभाग कार्य करेगा। आशा, एएनएम तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के सहयोग से समय पर उपचार एवं संन्दर्भन हेतु समुदाय स्तर पर बुखार के मरीजों की खोज की जायेगी। 

जिला मलेरिया अधिकारी बेदी यादव ने बताया कि आशाओं को बुखार के मरीजों की खोज के लिये प्रशिक्षित किया गया है। इस माह के दौरान दिनांक 19 अक्टूबर से 01 नवम्बर 2021 के बीच विशेष ट्रैकिंग अभियान संचालित किया जायेगा। ए.ई.एस की निगरानी हेतु स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया है इसके लक्षण दिखाई देते ही स्वास्थ्य केन्द्रों पर संदर्भन किये जाने का निर्देश दिया गया है। 

नगर पालिका परिषद खाद्य व सफाई निरीक्षक नरेन्द्र कुमार व  सत्य प्रकाश यादव ने बताया कि  ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में वाहक के घनत्व का आंकलन, स्रोतों में कमी, लार्वारोधी गतिविधियां तथा आवश्यकतानुसार फागिंग एवं छिड़काव बनाई गयी कार्य योजना के अनुसार किया जायेगा। 

क्या करें-

दिमागी बुखार का टीका जरूर लगवायें। मच्छरों के काटने से बचें, सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग अवश्य करें। पूरे आस्तीन की  कमीज, फुल पैंट मोजे पहनें। सुअरों को घर से दूर रखें। रहने की जगह साफ सुथरा रखें एवं जाली लगवायें। पीने के लिए इंडिया मार्का हैण्ड पम्प के पानी का प्रयोग करें। पानी हमेशा ढ़क कर रखें, छिछला हैण्ड पम्प के पानी को खाने पीने में प्रयोग न करें। पक्के व सुरक्षित शौचालयों का प्रयोग करें। शौच के बाद व खाने के पहले साबुन से हाथ अवश्य धोयें। नाखूनों को काटते रहें। लम्बे नाखूनों से भोजन बनाने व खाने से भोजन प्रदूषित होता है। दिमागी बुखार के मरीज को दाएं या बाएं करवट लिटाएं। यदि तेज बुखार हो तो पानी से बदन पोछतें रहें।

क्या न करें-

बेहोशी व झटके की स्थिति में मरीज के मुख में कुछ भी न डालें। झोला छाप डाक्टरों के पास ना जायें। घर के आस-पास गंदा पानी इकट्ठा न होने दें। इधर-उधर कूड़ा-कचरा व गंदगी न फैलायें। खुले मैदान या खेतों में शौच न करें।

इस कार्यक्रम में एसीएमओ डॉ एसपी अग्रवाल, डॉ वकील अली, नगर पालिका परिषद मऊ के खाद्य व सफाई निरीक्षक श्री नरेन्द्र कुमार, सत्य प्रकाश यादव, गफ्फार तथा मलेरिया निरीक्षक दीपक पाण्डेय, राजेश यादव, संगीता भारती, जेई कन्सल्टेन्ट डॉ उपेन्द्र सिंह व स्वास्थ्य विभाग के सभी कर्मचारी उपस्थित रहे।