रिटायर्ड डीआईजी के साथ धोखाधड़ी की जमानत अर्जी खारिज

बांदा। बालू कारोबार में रिटायर्ड डीआईजी समेत 3 पार्टनर से एक करोड़ 20 लाख रुपये जमा कराकर धोखाधड़ी के आरोपी सुशीलचंद्र अवस्थी (गिरवां, बांदा) की जमानत अर्जी जिला सेशन न्यायाधीश ने खारिज कर दी। लखनऊ निवासी नवीन प्रकाश सिंह द्वारा शहर कोतवाली में पिछले दिनों धारा 420, 409,504,506 की रिपोर्ट सुशीलचंद्र के विरुद्ध दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया कि इसके पूर्व परिचित वीरेंद्र कुमार साक्षी ने लखनऊ से उसे यहां बुलाकर बालू में पार्टनर बनाने की बात कही। इस पर तीन पार्टनर श्रेय जायसवाल, अटल जी व उदय शंकर ने कुल एक करोड़ 20 लाख रुपये जमा कर दिए। सुशील अवस्थी ने अपने को मेसर्स अवस्थी ट्रेडर्स का मालिक बताया। तीनों ने 40-40 लाख रुपये अवस्थी ट्रेडर्स में आरटीजीएस से जमा कर दिए। 2 प्रतिशत के पार्टनर बन गए। पैसा मांगने पर टालमटोल किया। उधर, आरोपी सुशील अवस्थी का कहना था कि उसने तीनों के खाते में 1,87,385 रुपये प्रत्येक को वापस कर दिए। सुशील की जमानत अर्जी का जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) ने विरोध किया। जनपद न्यायाधीश गजेंद्र कुमार ने जमानत का ठोस और उचित आधार न पाते हुए अर्जी खारिज कर दी।

 गौरतलब है कि कथित ठगी का शिकार हुए उदय शंकर जायसवाल बांदा में पुलिस अधीक्षक रह चुके हैं। डीआईजी पद से रिटायर्ड हुए हैं। उधर, घर में घुसकर मारपीट और तोड़फोड़ के 5 आरोपियों की अग्रिम जमानत अर्जी जिला जज गजेंद्र कुमार ने खारिज कर दी। अलीगंज निवासी शमीम ने 13 सितंबर को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह अपने निजी आफिस में बैठा था तभी गुलाब बाग निवासी नवाब अली व रियाज अली तथा खूंटी चौराहा निवासी फारूख अली व मोहम्मद अली तथा जिला परिषद चौराहा निवासी महबूब अली ने आकर हमला कर दिया और तोड़फोड़ की। बचाने आए भाई नईम को भी पीटकर घायल कर दिया। अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद जिला जज ने जमानत अर्जी खारिज कर दी।