॥ कर्म की सजा तूँ ही पायेगा ॥

जग को रूलाने वाला एक दिन

तुम स्वंय अपने कर्म पर रायेगा

विधाता की नजर में तेरी करतुत

तेरा कर्म साफ साफ नजर आयेगा


सर्वशक्तिमान है तूँ जग में तुम्हें

इस बात की है झूठा अभिमान

तुमसे बढ़कर उस विधाता का

शक्ति है कायनात में शक्तिमान


कोई साथ काम ना आयेगा उस दिन

जिस दिन होगी तेरी कर्म की हिसाब

तेरी कर्म की खाता जब खुलेगी वहाँ

जो तुँने किया है जग में अपराध


टूट जायेगी सब हेकड़ी तेरी उस दिन

चन्द्रगुप्त जब करेगें तेरे जीवन का हिसाब

पाई पाई तुम पायेगा कर्म का फल

जो तुँने जमा कर लिया है सौगात


उस दिन तुँ भी रोयेगा जार जार

कोई आँसू ना पोंछने आयेगा

तेरी कर्म की सजा यमपुरी में

तुँ अकेला ही सब वहाँ पा जायेगा


उदय किशोर साह

मो० पो० जयपुर जिला बाँका बिहार

9546115088