किसान गुरविंदर के परिवार का पीएम रिपोर्ट में गड़बड़ी का आरोप

दोबारा दूसरे राज्य से पोस्टमार्टम कराने पर अड़े,कहते हैं, गोली लगने से हुई है मौत

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर में हुई घटना में मारे गए बहराइच के किसान गुरविंदर के परिजनों को पीएम रिपोर्ट पर आपत्ति है। बहराइच के डीएम और एसपी मृतक किसान के परिजनों से अंतिम संस्कार के लिए मनाने में जुटे हैं। परिजनों ने मृतक किसान गुरविंदर की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में गड़बड़ी का आरोप लगाया है। परिजनों का आरोप है कि गुरविंदर को गोली से मौत हुई है। परिजनों के मुताबिक पीएम रिपोर्ट में गोली से मौत की बात नहीं बताई गई है। वहीं मौके पर डीएम, एसपी सहित कई थानों की फोर्स व पीएसी बल तैनात है। डीएम और एसपी मृतक के परिजनों से अंतिम संस्कार के लिए मान-मनौवल कर रहे हैं।मृतक किसान के परिजन दूसरे राज्य में दोबारा पोस्टमॉर्टम की मांग कर रहे हैं। वे लखीमपुर में हुए पोस्टमॉर्टम से संतुष्ट नहीं है। उनका कहना है कि किसान की गोली से मौत हुई है, जबकि पीएम रिपोर्ट में दम घुटने से मौत वजह बताई जा रही है। वहीं मामले में एहतियातन जिले की सभी सीमाएं सील की गई हैं। बहराइच में इस मामले को लेकर सियासत तेज हो गई है। मृतक किसानों के पक्ष में धरने पर बैठीं पूर्व सांसद सावित्री बाई फूले को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। वह मृतक किसान के घर के पास धरने पर बैठी थीं। मृतक किसानों के घर पर अलग-अलग पार्टी के कार्यकर्ताओ का आना शुरू हो गया है। लखीमपुर की घटना में 4 किसानों, 2 बीजेपी कार्यकर्ता, केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा के ड्राइवर और स्थानीय पत्रकार की मौत की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आ गई है। इसमें किसी की मौत घसीटने से तो किसी की लाठी-डंडों की पिटाई से मौत की बात है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार किसी की भी मौत गोली लगने की वजह से नहीं हुई है। पोस्टमॉर्टम के बाद सभी शवों को उनके परिजनों को सौंप दिया गया। इनमें दो किसानों व चार अन्य का अंतिम संस्कार सोमवार देर शाम और मंगलवार सुबह तक कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच किया गया।