सीता स्वयंबर व अहिल्या उद्धार का सफल मंचन

सहारनपुर। विगत रात्रि श्री आशुतोष रामलीला सीमिति द्वारा आयोजित रामलीला में सीता स्वयम्बर, अहिल्या उद्दार और लक्ष्मण परशुराम संवाद का भावविभोर मंचन हुआ। महर्षि विश्वामित्र की आज्ञा से प्रभु राम ने अहिल्या का उद्धार किया। क.े के. श्रीवास्तव, अरविंदर गोसाई व जय कालड़ा के सफल निर्देशन में सीता स्वयम्बर का शानदार मंचन हुआ। जनक बने तरुण अरोरा ने चिंतित होते हुए जब कहा मुझे तो आज पता चला, पृथ्वी वीरो से खाली हो चुकी हैं। यह सुनते ही लछ्मण बने विनय दुग्गल क्रोदित होकर बोले मिथिला नरेश अगर मैं चाहू तो जल को सूखा दु और सूखे में जल भर दू।पहाड़ो को बरसाती कीड़े की तरह मसल दु इन्हें सुनते ही पंडाल तालियों से गूंज उठा फिर विश्वामित्र जी ने शांत कराते हुए श्री राम को धनुष उठाने की आज्ञा दी प्रभु ने धूनुष की प्रत्यंचा चढ़ाई वो टूट गया माता सीता ने वरमाला पहना दी। परशुराम क्रोध से फुफकारते काल का रूप धारण करते हुए बोले कौन है जिसने मेरे गुरुभगवान शिव का धनुष भंग करने की धृष्टता की है? परशुराम (विशाल छाबड़ा) व लक्ष्मण(विनय दुग्गल) के संवादों से पंडाल गुंजयमान हो गया।रावण के रूप में मनोज शर्मा ने दमदार अभिनय किया। भूप बने गौरव चानना, मोटू शिवांश पतलू शेली और सनी भाटिया ने दर्शकों को अपने अभिनय से खूब गुदगुदा दिया।लीला में मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एस. चन्नप्पा रहे इनके अलावा प्रधान गौरव चौधरी, डॉ एम पी सिंह चावला, विजय कुमार, मोहित छाबड़ा, करन मल्होत्रा, दीपक भाटिया, यश टंडन, संजय भसीन, पंडितकाशीराम, पंडित अंकुर, सार्थक जयसवाल, राजन ककड़ आदि उपस्थित रहे। रूपसज्जा नितिन नामदेव, संगीत आकाश का रहा। संचालन अमित वत्ता और रवि बख्शी ने किया।