चेहरा जलाने का सामान

चेहरा जलाने का सामान मिलता होगा

आत्मविशवास जलाने का कहां होगा।

चमड़ी से खूबसूरत कोई भी नहीं होता

वरना गुणों का कोई महत्व नहीं होता।

ममता कोई भी कभी नहीं मार सकता

यह तो दिल की बात ही होती है हमेशा।

कुछ भी नहीं होता मेरा खूबसूरत होना

खूबसूरती तो आंखों में होती है हमेशा।

आंखें खूबसूरत हैं तो क्यों कोई भला

किसी को बदसूरत जमाने में लगेगा।

हिम्मत और होंसले को ताकत बना

साहस की अलख दी जग में जगा।

दुष्ट और राक्षसों की नियत का क्या

प्रकृति भी करती है उसकी निंदा।

पूनम पाठक बदायूँ 

इस्लामनगर बदायूं उत्तरप्रदेश