---- तीखा तीर ---

धन  घमण्ड  गर्जन  बढ़ी 

सिहरन  चारों  ओर 

भयजाल  फैला  हुआ  है  

बोले  तो  होगे  ढेर 

हा  में  हामी  मार  दो 

होगे  नहीं  अधीर 

अंधो  को  अंधे  मिले 

चर्चा  चारों  ओर 

---- वीरेन्द्र तोमर