स्वस्थ भारत,समृद्ध भारत

शरीर में होने वाले परिवर्तनों को अक्सर हम सभी मामूली जानकर काफी लंबे समय तक अनदेखा करते रहते हैं और यही सबसे बड़ी भूल होती है।स्मरण रहे, शरीर में होने वाला कोई भी परिवर्तन ,कोई भी बदलाव कभी भी बेवजह नहीं होता ।हमारे शरीर में होने वाली छोटी बड़ी सभी क्रियाओं का कोई ना कोई मतलब अवश्य होता है और उन क्रियाओं का हमारे शरीर, हमारे स्वास्थ्य पर अत्यंत गहरा प्रभाव पड़ता है।जब कभी हमारे शरीर में सामान्य से हटकर कुछ भी अलग सा महसूस होता है तो हमें उसे अनदेखा नहीं करना चाहिए।

शरीर में होने वाले परिवर्तनों पर हमें कड़ी नजर रखनी चाहिए और यथासंभव चिकित्सक से परामर्श भी करना चाहिए क्योंकि कभी-कभी छोटी से छोटी लगने वाली दिक्कत और परेशानी बहुत बड़ी समस्या का रूप धारण कर लेती है और उस वक्त स्थिति हमारे नियंत्रण से बाहर हो जाती है।

अक्सर आपने सुना होगा कि जब भी किसी बीमारी के चलते हम अपने डॉक्टर के पास जाते हैं तो डॉक्टर सबसे पहले यही पूछते हैं आपको यह समस्या कब से है,या आपको समस्या पिछले इतने लंबे समय से थी और आप आज आ रहे हैं। यदि आप पहले ही आ जाते तो आपको इतनी दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ता और आप की बीमारी इतना विकराल रूप धारण नहीं करती,अब इस बीमारी को दवाई से ठीक नहीं किया जा सकता, आप को ऑपरेशन करवाना होगा ।इस तरह की कई बातें हम अपने रोजमर्रा के जीवन में अपने आसपास के लोगों से अक्सर सुनते हैं।

दोस्तों यहां इन सब बातों को कहने का मेरा मकसद सिर्फ यही है कि शरीर में होने वाली परेशानियों दिक्कतों और बीमारियों को कभी भी हल्का या छोटा ना समझें। जरूरी नहीं है कि बीमारी कोई बड़ी हो परंतु समय से सही मार्गदर्शन मिल जाने पर वह बीमारी जड़ सहित खत्म की जा सकती है और भविष्य में आने वाली परेशानियों से बचा जा सकता है।

अक्सर हमने अपने घरों में या आस पड़ोस में कई लोगों को देखा है कि शरीर में होने वाली दिक्कत आने पर वे घरेलू उपचार के जरिए अपनी बीमारी ठीक करना चाहते हैं ।ऐसा करने में वे काफी लंबा समय निकाल देते हैं।इतने में उनकी समस्या बढ़ जाती है और अंततः उन्हें डॉक्टर के पास जाना ही पड़ता है तो दोस्तों, क्यों ना परेशानी होने के तुरंत साथ ही हम डॉक्टर से मिलें और उनके मार्गदर्शन में उनकी सलाह से ही अपना इलाज शुरू करें ताकि हम अपने स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों से स्वयं को बचा सकें।

कमर दर्द, दांत में दर्द छींक आना ,हल्का सर दर्द, हल्का हल्का बुखार रहना आंखों में जलन या खारिश का होना त्वचा पर धब्बे पड़ना, बॉडी पेन ,बालों का गिरना झड़ना ,खाने का सही से पच न पाना और सीने में हल्का हल्का दर्द रहना, इत्यादि अनेक प्रकार की ऐसी समस्याएं हैं जिन्हें हम हल्के में लेते हैं जिसका परिणाम हमारे साथ साथ हमारे अपनों हमारे परिवार जनों को भी भुगतना पड़ता है ।समय पर निदान ना होने पर बीमारी का बढ़ना स्वाभाविक होता है और निदान होने के बावजूद भी उपचार ना मिलने पर ही समस्या और बीमारी विकराल रूप धारण करती हैं। 

तो दोस्तों ,हमें इस लापरवाही भरे रवैए से स्वयं को बचाना होगा । समय पर खाना खाना, सोना ,जागना , तनाव मुक्त रहने की कोशिश करना और दिन भर के कार्यों को बिना किसी हड़बड़ाहट के तसल्ली से करना, इन सभी बातों का ध्यान रखकर हम सभी अपने स्वास्थ्य का बेहतर ख्याल रख सकते हैं।जिंदगी आपकी है, शरीर आपका है तो जाहिर सी बात है कि अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत और जागरूक भी आपको ही रहना होगा।

तो आइए  दोस्तों,आज ही हम सब मिलकर सामूहिक रूप से यह शपथ लेते हैं कि अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहकर इस पर होने वाले इस में होने वाले छोटे-छोटे बदलावों पर नजर रखेंगे और जरूरत पड़ने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लेंगे। याद रहे 

स्वस्थ रहेगा इंडिया तभी तो आगे बढ़ेगा इंडिया

स्वस्थ भारत समर्थ भारत समृद्ध भारत।


पिंकी सिंघल

शालीमार बाग दिल्ली