वानर का महात्म

सीता को जो हर लिया

बुद्धि पंक भर लिया

दुष्ट दशानन को तो

राम जी ने मारा है।

अहम को धारे रहे

सत्य से किनारे रहे

ऐसे महापापी को भी

राम ने ही तारा  है।

पड़ी दुख मंदोदरी

आंसुओं की लगी झरी

ऐसो पीड़ित नारी को

राम ने उबारा है। 

लंका को जो जीत आए

विजय  के गीत गाए

राम जैसे योद्धा का भी

वानर सहारा  है।


मंजु कट्टा 'सजल' मेड़ता

सिटी,नागौर-राजस्थान