समाधान दिवस पर प्राथमिकता के आधार पर निर्धारण

उत्तर प्रदेश सरकार की शीर्ष प्राथमिकता पर सम्पूर्ण समाधान दिवसों के माध्यम से जन समस्याओं के त्वरित निस्तारण के क्रम में जिलाधिकारी अमित सिंह बंसल की अध्यक्षता में सदर तहसील दिवस सम्पन्न हुआ। जिलाधिकारी द्वारा तहसील दिवस में प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करते हुए उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिये कि सम्पूर्ण समाधान दिवस में प्राप्त आवेदन पत्रों का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्धता के साथ करें, इसमें किसी प्रकार की लापरवाही न करें। संपूर्ण समाधान दिवस पर आने वाले फरियादियों के लिए कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए सोशल डिस्टेसिंग के साथ जिलाधिकारी द्वारा समस्याएं सुनी गयी।

शिकायत के क्रम में शैलेन्द्र सिंह पुत्र जनार्दन द्वारा चकरोड अतिक्रमण, सुनीता देवी पत्नी मिथिलेश मौर्या द्वारा हिस्सा बटवारा, मनोज सिंह पुत्र गौरी शंकर द्वारा रास्ता खोलवाने, जितेन्द्र सिंह पुत्र हरिशंकर सिंह द्वारा खतौनी में नाम संशोधन, रामबचन सिंह पुत्र विश्वनाथ सिंह द्वारा बटवारे, धर्मवाती देवी पत्नी स्व0 गेना द्वारा संक्रमणीय भूमि पर घर बनवाने, सत्यनारायन सिंह पुत्र कामता सिंह द्वारा नलकूप मरम्मत के संबंध में प्रार्थना पत्र दिया गया। जिलधिकारी द्वारा बताया गया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से महिलाओं, बच्चों, गरीब व कमजोर वर्ग के व्यक्तियों को निःशुल्क विधिक सहायता व सलाह का अधिकार है। जिसमें महिलाओं व 18 वर्ष के बच्चों, अनुसूचित जाति व जनजाति वर्ग विभिन्न प्रकार की आपदा, जाति हिंसा, बाढ़, भूकंप, पीड़ित व्यक्ति, कारावास में/विरूद्ध व्यक्ति, मानव तस्कारी से आहत, शोषण या बेरोजगार से पीड़ित औद्योगिक कामगार, मानसिक रूप से अक्षम या दिव्यांग व्यक्ति कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मऊ से लाभ ले सकता है।

उक्त अवसर पर 30 आवेदन पत्र प्राप्त हुए जिसमे 07 आवेदनों का निस्तारण कर दिया गया। उक्त अवसर पर ज्वाईंट मजिस्ट्रेट अजय कुमार गौतम, जिला बचत अधिकारी/खण्ड विकास अधिकारी हर्षिता, जिला पंचायत राज अधिकारी, उप कृषि निदेशक, जिला विद्यालय निरीक्षक, उप जिलाधिकारी जयप्रकाश यादव, तहसीलदार संजीव कुमार यादव, अधिशाषी अधिकारी नलकूप सहित सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे ।