योगी ने बढ़ाई कर्मचारियों की सैलरी

मनरेगा कर्मियों का बढा मानदेय,महिला संविदा कर्मियों को 180 दिन का मातृत्व अवकाश

लखनऊ। नवरात्र, दशहरा, दीपावली जैसे प्रमुख त्यौहारों के सीजन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के मनरेगा कर्मियों को मानदेय वृद्धि का बड़ा तोहफा दिया है। इनके मानदेय में 1590 रुपये से लेकर 3220 रुपये तक वृद्धि की गई है। मानदेय वृद्धि का यह लाभ इसी अक्टूबर के मानदेय से मिलने लगेगा। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की है कि किसी भी मनरेगा कर्मी को सेवा से हटाने के लिए अब उपायुक्त मनरेगा की संस्तुति जरूरी कर दी गई है।वृंदावन टाउनशिप स्थित डिफेंस एक्सपो मैदान में आयोजित ‘महात्मा गांधी नरेगा सम्मेलन’ में मुख्यमंत्री ने मानदेय की बढ़ी धनराशि की घोषणा कर मनरेगा के तहत राज्य में काम कर रहे 41582 कर्मियों की मानदेय वृद्धि के इंतजार को समाप्त कर दिया। उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ वर्ष से अधिक का समय अत्यंत संकट वाला रहा है। जीवन और जीविका को आगे बढ़ाने की सबसे बड़ी चुनौती आबादी में देश के सबसे बड़े राज्य यूपी के सामने थी। 40 से 50 लाख प्रवासी कामगारों के जीवन व जीविका को बचाने का काम प्रदेश में किया गया। 52 लाख बहनों को समूहों से जोड़ उन्हें व्यवस्थित आर्थिक स्वावलंबन से जोड़ने का अदभुत कार्य किया गया। 58 लाख बैकिंग सखी का चयन कर महिला सशक्तीकरण की दिशा में बड़ा काम किया गया।मुख्यमंत्री ने कहा कि पारदर्शी तरीके से योजनाओं का लाभ जनता को दिया है। रोजगार सेवकों के मानदेय भुगतान नहीं होने की जानकारी होने पर सरकार ने तत्काल 225 करोड़ रुपये देकर मानदेय का भुगतान कराया। अप्रैल 2020 से राज्य के संविदा कर्मियों के मानदेय का भुगतान उनके खातों में कराया जा रहा है। उन्होंने  कहा कि राज्य में अब महिला संविदा कर्मियों को भी 180 दिन का मातृत्व अवकाश देने की व्यवस्था कर दी गई है। उन्होंने कहा कि राज्य की 600 ग्राम पंचायतें अब नगर निकाय का हिस्सा हो गई हैं। इन पंचायतों के ग्राम रोजगार सेवकों को सेवा से निकाले जाने का खतरा था। ऐसा नहीं होने दिया गया। 415 को दूसरी पंचायतों में तैनाती दी गई है, जो बचे हैं उन्हें भी जल्द तैनाती दी जाएगी। यदि किसी ग्राम रोजगार सेवक का करीबी रिश्तेदार गांव का प्रधान चुन लिया गया है तो भी उसे सेवा से न हटा कर दूसरी पंचायतों में तैनात किए जाने का इंतजाम किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार मनरेगा में और काम जोड़ने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2020-21 में 12622 करोड़ रुपये खर्च कर 1.16 करोड़ रोजगार सृजन किया गया। 39.46 करोड़ मानव दिवस का सृजन करने वाला यूपी देश का पहला राज्य बना। पीएम आवास योजना में 42 लाख आवास दिया। इसमें भी यूपी पहले नंबर है। चार साल में 103.27 करोड़ मानव दिवस सृजित किया गया, जिसमें से अकेले वर्ष 2020-21 में ही 39.46 करोड़ में किया गया। 26 जून 2020 को एक दिन में राज्य में 62.25 लाख मजदूर मनरेगा के तहत काम पर लगे थे। इतिहास में कभी ऐसा नहीं हुआ था। 7.79 लाख परिवारों को 100 दिन मनरेगा के तहत रोजगार दिया। मनरेगा के तहत किसानों को सिंचाई और खेत तालाब योजना का काम कर लाभ पहुंचाया। वर्ष 2020-21 में ही 25 नदियों को मनरेगा के तहत पुनर्जीवित किया गया।इस सम्मेलन में राज्य के कोने-कोने से हजारों की तादाद में मनरेगा कर्मी पहुंचे थे। ग्राम्य विकास मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह ‘मोती सिंह’, राज्य मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला, कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक कुमार सिन्हा, अपर मुख्य सचिव ग्राम्य विकास मनोज कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी, ग्राम्य विकास आयुक्त अवधेश तिवारी, उपायुक्त मनरेगा योगेश कुमार आदि उपस्थित थे।