किसानों पर सितम ढा रहे खदान संचालक

- यदि समय रहते प्रशासन नहीं चेता तो बिगड़ सकते हैं हालात

बांदा। लगातार कई वर्षों से दैवीय आपदा की मार झेल रहे किसानांे पर अब खनन माफियाआंे ने भी सितम  ढाना शुरू कर दिया है। आसमानी मार से बचने में नाकाम किसानों पर अब जमीन के रसूखदार खनन माफिया भी हावी होते नजर आ रहे हैं। खनन माफियाओं के आगे अपने को असहज महसूस कर रहे किसानों ने प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाते हुए उनकी जान-माल की सुरक्षा की मांग की है। जानमाल की धमकी के साथ-साथ किसानों की खड़ी फसल को भी हिस्ट्रीशीटर व उसके गुर्गों ने नष्ट कर दिया है। 

प्रदेश के मुख्यमंत्री सीएम योगी आदित्यनाथ को भेजे शिकायती पत्र में मटौंध थाना क्षेत्र के अन्तर्गत ग्राम मरौली केवटन पुरवा के ग्रामीणों ने बताया कि वे सभी सहखातेदार पुस्तैनी भूमि के मालिक हैं। उनकी जमीनों पर मरौली खण्ड संख्या 2 के खनन माफिया व हिस्ट्रीशीटर संतोष यादव व उसके लगभग 20 गुर्गों ने असलहों के बल पर उनके रकबे में 30 सितम्बर को खड़ी फसल नष्ट करते हुए रास्ता बनाया था। जिस पर उन्होंने 5 अक्टूबर को मटौंध थाने में प्रार्थना दिया। वहीं थाना प्रभारी ने भी खनन माफियाओं रसूख के चलते प्रार्थना लेने से इंकार कर दिया। उनके खेत में दबंगई के बल पर उक्त हिस्ट्रीशीटर व उसके गुर्गों द्वारा असलहों से लैस होकर उनको बंधक बनाते हुए उनके बेरहमी से पीट दिया। पीड़ित इन्द्रजीत सिंह पुत्र रामनारायण सिंह ने सीएम योगी आदित्यनाथ से जान-माल की सुरक्षा की गुहार लगाते हुए कार्यवाही की मंाग की है। यदि इसी तरह के हालात रहे तो वो दिन दूर नहीं जब लखीमपुर की घटना की पुनरावृत्ति कभी भी हो सकती है।