मुख्यमंत्री ने नायब तहसीलदार के पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लोक सेवा आयोग यूपीपीसी द्वारा चयनित 110 नायब तहसीलदारों को शुक्रवार को लखनऊ में नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में चयनित नायब तहसीलदारों में से 15 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद नियुक्ति पत्र दिए। इस मौके पर सीएम ने कहा कि आज प्रदेश में चेहरा, जाति, मजहब और क्षेत्र देखकर नियुक्ति नहीं दी जाती है। अब नौकरियों में नियुक्ति का आधार सिर्फ योग्यता है। सरकार की ओर से आरक्षण के नियमों का पालन करते हुए हर प्रतिभावान नौजवानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

 उनके मुताबिक प्रदेश सरकार पिछले साढ़े 4 सालों में साढ़े 4 लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र देकर उनकी ऊर्जा और प्रतिभा का लाभ ले रही है। सीएम योगी ने इस दौरान यह भी कहा कि 2017 से पहले यूपी के बारे में धारणा थी कि यहां लोग आने से डरते हैं। लोगों को न्याय मिलना यहां कठिन चुनौती थी। आज वही प्रदेश लक्ष्यों को प्राप्त कर रहा है। आज सरकारी नौकरियों में एक-एक व्यक्ति का चयन पारदर्शी तरीके से हो रहा है। हर व्यक्ति अपनी योग्यता व क्षमता के अनुरूप स्थान प्राप्त कर रहा है। उसे किसी सिफारिश की आवश्यकता नहीं है। 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 110 नवनियुक्ति नायब तहसीलदारों को उनकी भूमिका को महत्व बताते हुए पूरी ईमानदारी व निष्पक्षता से नौकरी करने की नसीहत दी। कहा कि बड़े विकास कार्यों में नायब तहसीलदारों की भूमिका बेहद अहम है। सीएम ने कहा कि प्रदेश में पांच एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इनकी समीक्षा के दौरान जब कार्य को और तेज गति से बढ़ाने की बात आई तो वरिष्ठ अधिकारियों ने नायब तहसीलदारों की कमी को बड़ी वजह बताया। इसके बाद नायब तहसीलदारों की नियुक्ति का निर्णय लिया गया। कहा कि सरकार ने पूरी पारदर्शिता से भर्ती प्रक्रिया पूरी कराई है। अब शासन की अपेक्षा है कि नवनियुक्त नायब तहसीलदार उसी ईमानदारी से अपना काम करें।

 निष्पक्षता से राजस्व वादों का निस्तारण कराकर लोगों को राहत पहुंचाएं। मिशन रोजगार के तहत चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र देने के बाद अपने संबोधन में सीएम योगी आदित्यनाथ ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना भी साधा। कहा कि वर्ष 2017 से पहले व्यवस्था में कुछ खोट था। चयन प्रक्रिया की विसंगतियों के चलते योग्य व प्रतिभाशाली अभ्यर्थी हताश होते थे। आज प्रदेश में चेहरा, जाति, मजहब और क्षेत्र देखकर नियुक्ति नहीं दी जाती है। अब नौकरियों में नियुक्ति का आधार योग्यता है। 

सरकार आरक्षण के नियमों का पालन करते हुए हर प्रतिभावान नौजवान को प्रोत्साहित किया जा रहा है। सीएम योगी ने कहा कि पिछले साढ़े चार वर्षों में साढ़े चार लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र देकर उनकी ऊर्जा और प्रतिभा का लाभ ले रही है।योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश वही जो वर्ष 2017 से पहले था। तंत्र और संसाधन वही है, लेकिन प्रदेश की छवि अब बदली है। वर्ष 2017 से पहले के उत्तर प्रदेश के बारे में जो लोगों में धारणा थी कि यहां लोग आने से डरते थे। 

लोगों को न्याय मिलना यहां कठिन चुनौती थी। आज वही उत्तर प्रदेश वही उत्तर प्रदेश कैसे लक्ष्यों को प्राप्त कर रहा है। आज सरकारी नौकरियों में एक-एक व्यक्ति का चयन पारदर्शी तरीके से हो रहा है। हर व्यक्ति अपनी योग्यता व क्षमता के अनुरूप स्थान प्राप्त कर रहा है। उसे किसी सिफारिश की आवश्यकता नहीं है। योगी आदित्यनाथ ने नवनियुक्ति नायब तहसीलदारों को सेवा में आगे बढ़ने का मंत्र भी दिया।

 कहा कि सेवा के पहले चरण में जितनी मेहनत कर लेंगे, आगे राह उतनी आसान होगी। पदोन्नति के उतने रास्ते खुलेंगे। अब यह आप लोगों का तय करना है कि कहां तक जाना चाहते हैं। योगी ने भ्रष्टाचार व गड़बड़ी करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई किए जाने की बात भी कही। योगी आदित्यनाथ ने राजस्व विभाग के महत्व को भी बताया। कहा कि गांवों में राजस्व से जुड़े 90 फीसद विवाद छोटे-छोटे हैं, जिन्हें अधिकारी मौके पर जाकर व दोनों पक्षों के बीच सुलह कराकर निस्तारित करा सकते हैं।

 वर्ष 2017 से पहले प्रदेश की अर्थव्यवस्था देश में छठे नंबर पर थी, जो अब दूसरे नंबर पर है। इसे पहले पायदान पर पहुंचाना है। यह केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं हो सकती। पूरे तंत्र को मिलकर काम करना होगा। योगी ने कहा कि शासन-प्रशासन ने बेहतर काम किया है। इसका परिणाम है कि देश की 44 महत्वपूर्ण योजनाओं में उत्तर प्रदेश पहले स्थान पर है। कानून-व्यवस्था की स्थिति भी बदली है। देश-विदेश के निवेशकों की प्राथमिकता में अब उत्तर प्रदेश है। 

राजस्व परिषद के अध्यक्ष मुकुल सिंघल ने बताया कि वर्तमान में राजस्व के करीब 15 लाख मुकदमे लंबित हैं। नवनियुक्ति नायब तहसीलदारों से यह मुकदमे अब तेज गति से निस्तारित हो सकेंगे। कार्यक्रम में मुख्य सचिव आरके तिवारी, अपर मुख्य सचिव राजस्व मनोज कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव, सूचना नवनीत सहगल व अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। 

राज्य मंत्री, राजस्व विभाग छत्रपाल सिंह गंगवार ने बताया कि शासन ने भूफाफिया के विरुद्ध मिली शिकायतों का तेजी से निस्तारण कराकर लोगों को राहत दिलाई है। 64 हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि अवैध कब्जे से मुक्त कराई गई है। कड़ी कार्रवाई का परिणाम है कि वर्तमान में 186 भूमाफिया जेल में हैं।