घाटे में चल रही एयर इंडिया की घर वापसी, बदलेगा आसमान का रंग

नई दिल्ली : लंबे समय से घाटे में चल रही एयरलाइन कंपनी एयर इंडिया की घर वापसी हो गई है। इस एयरलाइन को टाटा समूह ने 18 हजार करोड़ रुपए की बोली जीत अपने नाम किया है। टाटा को ये सफलता ऐसे समय में मिली है जब देश की एविएशन इंडस्ट्री में बड़े बदलाव की बयार शुरू होने वाली है।

दरअसल, भारतीय एविएशन इंडस्ट्री में एक नई एयरलाइन कंपनी की एंट्री होने वाली है। अकासा नाम की ये एयरलाइन कंपनी शेयर बाजार के दिग्गज निवेशक राकेश झुनझुनवाला की होगी। ऐसा माना जा रहा है कि इस वित्त वर्ष के अंत तक झुनझुनवाला की एयरलाइन शुरू हो सकती है। नई एयरलाइन कंपनी में झुनझुनवाला करीब 3.5 करोड़ डॉलर के निवेश पर विचार कर रहे हैं। इसके जरिए झुनझुनवाला की अकासा में 40 फीसदी हिस्सेदारी लेने की योजना है। 

जेट एयरवेज भी भरेगी उड़ान: अप्रैल 2019 से बंद चल रही जेट एयरवेज नए साल में उड़ान भरने वाली है। जेट एयरवेज 2022 की पहली तिमाही से अपनी घरेलू उड़ानें शुरू कर सकती है। लंबे समय तक आसमान में दबदबा बनाए रखने वाली इस कंपनी पर कर्ज का बोझ था। हालांकि, करीब ढाई साल बाद जालान कालरॉक समूह ने जेट एयरवेज को संजीवनी दी है। 

टाटा की अब तीन एयरलाइन: एयर इंडिया की डील के बाद अब टाटा समूह के पास तीन एयरलाइन- एयर इंडिया, विस्तारा और एयर एशिया हो गई है। इन तीनों कंपनियों की डोमेस्टिक एयरलाइन इंडस्ट्री में करीब 25 फीसदी हिस्सेदारी है। ये भी देखना अहम है कि टाटा समूह तीनों एयरलाइन को मैनेज करती है। 

लीडिंग कंपनी है इंडिगो: डोमेस्टिक मार्केट में इन सभी एयरलाइन कंपनियों की टक्कर इंडिगो से होगी। इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड की एयरलाइन कंपनी इंडिगो की करीब 58 फीसदी हिस्सेदारी है। इसके अलावा स्पाइसजेट की 9.1 फीसदी और गोएयर की 6.8 फीसदी हिस्सेदारी है। 

कोरोना की मार झेल रही इंडस्ट्री: देश की एविएशन इंडस्ट्री कोरोना की मार झेल रही है। बीते साल लॉकडाउन की वजह से करीब दो माह तक डोमेस्टिंग एयरलाइन सेवाएं पूरी तरह से ठप थी। मई 2020 में डोमेस्टिक उड़ान सेवाएं शुरू तो हुईं लेकिन यात्रियों की संख्या में भारी गिरावट देखने को मिली। अब भी स्थिति सामान्य नहीं हो सकी है। वहीं, इंटरनेशनल उड़ान सेवाएं अब भी पूरी तरह से एक्टिव नहीं हुई हैं। इसका असर देश में सक्रिय एयरलाइन कंपनियों पर पड़ रहा है।