दहेज हत्या में पति को उम्रकैद

बांदा। दहेज हत्या का जुर्म साबित हो जाने पर पति को उम्रकैद और ससुर, जेठ, जेठानी तथा देवर को 7-7 वर्ष की कैद की सजा सुनाई गई है। अन्य धाराओं में भी दंडित किया गया है। घटना के करीब 7 वर्ष बाद फैसला आया। पैलानी थाना क्षेत्र के सिंधन कलां में 3 सितंबर 2014 की दोपहर ससुराल में छंगू कुशवाहा की पत्नी रामजानकी की आग से जलकर मौत हो गई थी। मृतका के पिता रामकुमार कुशवाहा (सिरसहेवा, महोबा) ने 10 अक्टूबर 2014 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पति समेत ससुर छोटेलाल कुशवाहा, देवर शिवमोहन, जेठ पूरन और जेठानी उर्मिला को नामजद करते हुए जला कर मार डालने का आरोप लगाया। क्षेत्राधिकारी नगर ने विवेचना के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिए। अभियोजन की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता आशुतोष मिश्रा व देवदत्त मिश्रा ने 7 गवाह पेश किए। अपर सत्र न्यायाधीय, एफटीसी प्रथम नुपुर ने इसका फैसला सुनाया। न्यायाधीश ने दोष सिद्ध पति छंगू को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अन्य दोषियों को धारा 304 बी में 7-7 वर्ष, धारा 498 ए में 3-3 वर्ष की कैद व 10-10 हजार जुर्माना किया गया है। जुर्माना न देने पर 2-2 माह की कैद और होगी। दहेज अधिनियम में 2-2 वर्ष की कैद व 10 हजार रुपये जुर्माना किया। जुर्माना न देने पर 2-2 माह की अतिरिक्त कैद होगी। जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित होगी। दोषियों को जेल भेज दिया गया।