माता विदाई मेें छलक पड़ी भक्तों की आखें

- चप्पे-चप्पे पर तैनात रही पुलिस फोर्स

बांदा। शारदीय नवरात्र में 9 दिनों तक शहर के विभिन्न स्थानों पर रखी गई जगत जननी दुर्गा माता की प्रतिमाओं को शनिवार को नम आंखों से विदा किया गया। विसर्जन के दौरान किसी तरह की घटना न हो इस बात को ध्यान में रखते हुए प्रशासन द्वारा कड़े इंतजाम किए गए थे। पूरे शहर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। निर्धारित किए गए रूटों से सवेरे दुर्गा प्रतिमाएं गाजे बाजे के साथ रामलीला और महेश्वरी देवी मंदिर के पास से होते हुए केन नदी रवाना हुई। दुर्गा प्रतिमा की समितियों को सम्मानित करने के लिए कई जगह विभिन्न संगठनों द्वारा पंडाल लगाए गए थे इनमें केंद्रीय दुर्गा समिति शामिल है। जहां उत्साही कार्यकर्ताओं को शील्ड देकर सम्मानित किया गया।

इसी तरह कुछ संगठनों ने कार्यकर्ताओं को लंच पैकेट और पानी के पाउच उपलब्ध कराया। दुर्गा प्रतिमाओं के दर्शन के लिए जगह जगह भारी संख्या में लोग  उमड़ पड़े। इस दौरान न तो श्रद्धालुओं ने कोरोना गाइड लाइन का पालन किया और न ही प्रशासन गाइड लाइन का पालन कराने में कामयाब हो पाया।  बेकाबू भीड़ के कारण कोरोना गाइडलाइन पूरी तरह से ध्वस्त रहा। उधर केन नदी में दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए प्रशासन की ओर से सभी सुरक्षात्मक इंतजाम किए गए थे। कई गोताखोरों को तैनात कर कई नावें भी लगाई गई थी ताकि विसर्जन में किसी तरह की परेशानी न होने पाएं। विसर्जन जुलूस में कार्यकर्ताओं ने जहां ढोल नगाड़े  की थाप पर नृत्य कर अबीर गुलाल उड़ाया तो वही  डांडिया और गरबा का नृत्य भी देखने को मिला। दुर्गा प्रतिमाओं के साथ कुछ देशभक्ति और स्वच्छता का संदेश देने वाली झांकियां भी देखने को मिली।

इस दौरान जगह-जगह पुलिस तैनात रही जिससे किसी तरह की अप्रिय घटना की खबर नहीं है ,लेकिन दुर्गा प्रतिमाओं की शोभा यात्रा को देखते हुए पुलिस द्वारा कई जगह वेरीकेटिंग किए जाने से लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

बताते चलें कि शारदीय नवरात्र में हर साल बांदा में नवरात्र महोत्सव धूमधाम से मनाया जाता है। शहर के सैकड़ों स्थानों में बनाए गए पंडालों में देवी प्रतिमा स्थापित की गई थी। उनके अलावा करीब आधा दर्जन से ज्यादा जबलपुर से बनवाकर लाई गई थी। शनिवार को ढोल नगाड़े और धार्मिक गीतों से थिरकते हुए, अबीर गुलाल उड़ाते हुए कार्यकर्ताओं के दल अपनी-अपनी प्रमिमाओं के साथ निकले, तो बहुत से युवक तलवारबाजी के जरिए अपनी कला का प्रदर्शन करते नजर आये। शोभायात्रा में उत्साही कार्यकर्ता जगह-जगह पटाखे भी दाग रहे थे। शोभायात्रा में निकली दुर्गा प्रतिमाओं को देखने के लिए जगह-जगह दर्शनार्थियों की भीड़ रही। वहीं व्यापार मंडल सहित कई अन्य सामाजिक संगठनों ने दुर्गा प्रतिमा को रोककर आरती उतारी और पूजा की। इसी तरह अन्य संगठनों ने देवी भक्त और कार्यकर्ताओं के लिए खाने के पैकेट पानीआदि का इंतजाम किया था।

जुलूस बलखण्डी नाका श्रीधाम से टोकन लेेकर महेश्वरी देवी, चौक बाजार होते हुए अमर टॉकीज तिराहे से नगर पालिका बालिका इंटर कॉलेज जिला परिषद रोड होते हुए बाबूलाल चौराहे से प्रधान डाकघर होते हुए रोडवेज संकट मोचन मंदिर से होते हुए केन नदी पहुंचा। जहां दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। कार्यकर्ताओं द्वारा देवी मां का जयकारा लगाते हुए नम आंखों से मां को विदा किया गया। इस दौरान शहर के चप्पे-चप्पे में पुलिस बल तैनात रहा।  इसी तरह महिला पुलिस कर्मियों समेत टोकन स्थल से लेकर विसर्जन स्थल तक तैनात रहे, ताकि किसी तरह की कोई भी अप्रिय घटना न हो सके। उधर केन्द्रीय दुर्गा महोत्सव समिति के अध्यक्ष अमित सेठ भोलू, महामंत्री कल्लू सिंह राजपूत, संरक्षक राजकुमार शिवहरे, पूर्व चेयरमैन राजकुमार राज, नईम नेता, घनश्याम सिंह बाबू जी आदि लोग पूरे समय व्यवस्था में डटे रहे।