हिंदी पखवाड़ा दिवस पर हुआ कवि सम्मेलन का आयोजन

झिलाही बाजार /गोंडा । क्षेत्र में हिंदी पखवाड़े पर एक कवि सम्मेलन का आयोजन स्वामी विवेकानंद इंटर कॉलेज मनकापुर में मंगलवार को शाम की बेला में किया गया। जिसकी अध्यक्षता डॉक्टर सतीश आर्य ने किया एवं संचालन आईसी मेंहदावली ने किया। आरके नारद ने हिंदी की महिमा गाते हुए पढ़ा- सातों स्वरों में हिंदी सजधज के संवरती। ढोलक तथा कबले पर हिंदी है थिरकती। पंडित राम हौसिला शर्मा ने हिंदी को राष्ट्रभाषा बताते हुए पढ़ा-  हिंदी हमारे देश की भाषा महान है। हिंदी हमारी हिंदी हम सबकी जान है। अंग्रेजियत के भूत तुम ध्यान से सुनो। गौरवशाली हिंदी की अपनी शान है। गुजरात से पधारे सभा के मुख्यअतिथि सुधांशु भूषण वर्मा ने हिंदी को प्रणाम करते हुए पढ़ा-  हवा बही है बादल छाया, झड़ी लगी है हिंदी की। काले अंग्रेजों ने भैया, किस्मत फोड़ी हिंदी की। मीडिया प्रभारी राम लखन वर्मा ने हिंदी की रचना कुछ इस प्रकार पढ़ी-  हिंदी भाषा सीखिए, बढ़ा लीजिए ज्ञान। हिंदी से ही हो रही, भारत की पहचान। ईश्वरचंद मेंहदावली  ने देशवासियों से हिंदी को आगे लाने के लिए पढ़ा-  हिंदी से ही देश को सजाना चाहिए। सबमें हिंदी प्रेम को जगाना चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ० सतीश आर्य ने पढ़ा- 'रेणुका' की छवि में छिटकी, रसवंती में मानो भिगोई हुई। अज्ञेय की नूतन व्यंजना में, मधु शब्द की सैया पर सोई हुई है। नागा गजानन नागर के मृदु, प्राणों में जैसे पिरोई हुई है। धूमिल के हर आखर में लगती, मनो दूध की धोई हुई है। इसके अलावा डॉ धीरज श्रीवास्तव, कवित्री इशरत सुल्ताना, चंद्रगत भारती, उमा शंकर दुबे, उमाकांत कुशवाहा, राजेश मिश्रा, केदारनाथ मिश्रा आदि ने भी हिंदी को समर्पित रचनाएं पढ़ी।