पंचायतीराज कर्मियों ने की मानदेय वृद्धि की मांग

बांदा। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) पंचायती राज विभाग के कर्मचारियों ने सर्किट हाउस में प्रदेश के पंचायती राज विभाग के मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी को ज्ञापन देकर मानदेय वृद्धि की मांग की है। कर्मचारियों ने बताया कि पंचायती राज विभाग ने वर्ष 2003 से स्वच्छता संबंधी कार्यों के संचालन के लिए जिलों में कर्मचारियों की नियुक्ति की थी। वर्ष 2004 से कर्मचारियों को आठ साल तक जिला स्वच्छता समिति से 10 हजार रुपये मानदेय दिया गया। आठ साल तक कोई वृद्धि नहीं की। 2011 में इसका नाम संपूर्ण स्वच्छता अभियान बदलकर निर्मल भारत अभियान कर दिया गया। 2 अप्रैल से 3 जून 2015 तक कर्मचारियों को 25 हजार मानदेय दिया गया। चार साल तक पुनरू कोई मानदेय वृद्धि नहीं की। पुनरू योजना का नाम परिवर्तित कर स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) कर दिया गया। इसमें समन्वयक,कंसलटेंट को 35 हजार प्रतिमाह, योजना सहायक 20 हजार प्रतिमाह, जनपद स्तर पर कार्यरत कंप्यूटर आपरेटर को 15 हजार, विकास खंड स्तर पर कार्यरत कंप्यूटर आपरेटर को 9000 प्रतिमाह व खंड प्रेरक को 10000 हजार प्रतिमाह दिया जाना था, लेकिन शासन के आदेशों के बाद भी सात साल से कोई मानदेय वृद्धि नहीं की गई। इस महंगाई में कर्मचारियों इतने कम मानदेय में कर्मचारियों को परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है। मनोज द्विवेदी, विशाल सिंह, रवींद्र सिंह, श्रवण कुमार, वंश, नागेंद्र भी मौजूद रहे।