ईश वन्दना

तर्ज-अपनी पनाह में हमें रखना

दया इतनी प्रभु हम पर करना,

सीखें हर मुश्किल से हम लड़ना।

पढ़ें लिखें आदर्श बनें हम,

प्रभु ऐसा वर हमको दे देना।

अज्ञान मिटें जीवन के सारे,

प्रभु राह प्रकाशित तुम कर देना।

सिर पर हमारे हाथ सदा रखना,

सीखें हर मुश्किल से हम लड़ना।

दया इतनी प्रभु.......

झूठ ,फरेब ,धोखा, बेईमानी,

दुर्गुण ये आएं ना मन में।

दया भाव करुणा की धारा,

बहती रहे सदा तन मन में।

कृपा इतनी बस हम पर करना,

सीखें हर मुश्किल से हम लड़ना।

दया इतनी प्रभु.......

करें भलाई हम नित सबकी,

खुशियाँ सबको ही बाटें हम।

अपने पराए का भेद करें ना,

सँग सबके ही न्याय करें हम।

नजर अपनी सदा हम पर रखना,

सीखें हर मुश्किल से हम लड़ना।

दया इतनी प्रभु.......


स्वरचित

सपना (सo अo)

जनपद-औरैया