॥ मतलब के हैं हर कोई यार ॥

मतलब की सज गई बाजार

मतलब की लगी लंबी कतार

मतलब के हैं सब कोई खरीददार

मतलब से मिलते हैं जग में यार


मतलब से होती है हर शै बात

मतलब से मीत बन जाते गद्दार

मतलब से है यह रीत संसार

मतलब से है हर कोई को प्यार


मतलब से मिलता है पथ में ठार

बिना मतलब ना करता कोई बात

मतलब के हैं मीत दिन  रात

बिना मतलब ना उपजता जज्बात


मतलब के हैं हर शख्स पुजारी

क्या नेता क्या लोग लुगाई

मतलब से आता परिणाम

झुठे भी दे जाता है  पैगाम


मतलब से करता प्रणयाम

मतलब से होता है दुआ सलाम

मतलब का हर कोई गुलाम

मतलब जग में है अति महान


मतलब से पूजते हैं माँ और बाप

बिना मतलब ना करता कोई बात

मतलब से होता है हर वो काम

दिन हो चाहे हो कोई   शाम


उदय किशोर साह

मो० पो० जयपुर जिला बाँका बिहार

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