जनपद में मनाया गया विश्व गर्भनिरोधक दिवस

जनसंख्या स्थिरीकरण एकमात्र उद्देश्य  

मऊ जनपद में आज गर्भनिरोधक साधनों के बारे में जागरूकता बढ़ाने और लोगों को प्रजनन स्वास्थ्य व परिवार नियोजन के प्रति जागरूक करने के लिए प्रत्येक वर्ष  26 सितंबर को विश्व गर्भनिरोधक दिवस मनाया जाता है। प्रजनन स्वास्थ्य जागरूकता और युवा पीढ़ी को इसके बारे में सही जानकारी देने के लिए इस दिन खास कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। विश्व गर्भ निरोधक दिवस की शुरुआत 26 सितंबर 2007 को हुई थी।  

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ श्याम नरायन दुबे ने बताया कि इस दिवस को मनाने का उद्देश्य जनसंख्या स्थिरीकरण भी है। विश्व गर्भनिरोधक दिवस पर अस्पतालों व संस्थाओं की मदद से गर्भनिरोध के प्रति शहर से लेकर गाँव तक लोगों को जागरूक किया गया तथा सभी स्वास्थ्य विभाग की इकाइयों में स्टाल भी लगाए गये। 

उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी नोडल डॉ वीके यादव ने बताया कि विश्व गर्भनिरोधक दिवस एक अभियान है जिसका उद्देश्य गर्भनिरोधक साधनों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना और उनके विकल्पों के बारे में लोगों को जानकारी देना है।

इस मौके पर लाभार्थी दंपत्तियों को अंतरा इंजेक्शन 10, छाया 223, माला एन 234, इमेरजेंसी पिल्स 89, कंडोम1900 की सेवाएं दी गई।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अधीक्षक रानीपुर के डॉ दिनेश कुमार ने बताया कि अनचाहे गर्भ से बचने के लिए और भी कई विकल्प हैं। यौन संचारित संक्रमणों (एसटीआई) और यूरिन इंफेक्शन (यूटीआई) से बचने के लिए कंडोम आदि गर्भनिरोधकों का उपयोग आवश्यक है, क्योंकि इस तरह की बीमारियों का खतरा महिलाओं को अधिक होता है। इसके अलावा पॉलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस), गर्भाशय फाइब्रॉयड्स और एंडोमेट्रियोसिस जैसी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के इलाज के लिए भी बहुत सी महिलाओं को मौखिक गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करने की सलाह दी गई। इसके लिये दंपत्ति को बास्केट आफ च्वायस के आधार पर परिवार नियोजन का साधन उपलब्ध कराया गया है। 

ब्लाक की सामुदायिक प्रक्रिया प्रबंधक हूमेरा खातून ने दंपत्तियों को बताया कि यौन संबंध बनाने से पहले गर्भनिरोधक साधनों के बारे में अच्छी तरह से जानना स्वयं की सुरक्षा के साथ ही साथी की सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण है। गर्भनिरोधक का उपयोग कैसे करना है। इस बारे में जानकारी हासिल करने में किसी तरह की शर्म महसूस नहीं होनी चाहिए। वास्तव में, गर्भनिरोधक साधनों के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए किसी अविश्वसनीय या अव्यवहारिक सूत्रों पर निर्भर रहने की बजाय किसी स्त्री रोग विशेषज्ञ, शिक्षक, माता-पिता या जिस व्यक्ति पर आप भरोसा करते हों, उनसे बात अवश्य करनी चाहिए।

जसडा ग्राम के सुग्रीव और विमला ने बताया कि बहुत ही अच्छा कार्यक्रम हुआ अच्छी जानकारी दी गई, डाक्टर साहब ने  हमारी समस्याओं का समाधान किया और उचित सलाह दी। हम इस पर अमल करेंगे।  

निर्मला और दुर्गविजय ने बताया कि बीसीपीएम बहन द्वारा विशेष कर इस कार्यक्रम के लिये बुलाया गया था उन्होंने एक बाक्स दिया है और उसके उपयोग की जानकारी दी गई तथा हमें अच्छी तरह से समझाया है।