शिवसेना :"हताश" भाजपा केंद्रीय एजेंसियों को बना रही निशाना

मुंबई : महाराष्ट्र की सत्ता पर काबिज शिवसेना ने मंगलवार को आरोप लगाया कि 'हताश भाजपा' प्रवर्तन निदेशालय के जरिये पार्टी नेताओं और कर्मियों को निशाना बना रही है. सेना ने अपने पूर्व सहयोगी को चेतावनी देते हुए कहा कि इस तरह के प्रयासों के बावजूद कांग्रेस और एनसीपी के साथ गठबंधन वाली उनकी सरकार नहीं गिरेगी. शिवसेना की लोकसभा सांसद भावना गवली के करीबी को केंद्रीय एजेंसी द्वारा मनी लांड्रिंग के आरोप में आज सुबह गिरफ्तार किया गया था. 

साथ ही प्रवर्तन निदेशालय ने परिवहन मंत्री और शिवसेना के विधायक अनिल परब को पूर्व मंत्री अनिल देशमुख से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में दूसरा समन जारी किया था. वह सुबह 11 बजे एजेंसी के मुंबई स्थित बलार्ड एस्टेट ऑफिस में पेश हुए. 

प्रवर्तन निदेशालय के ऑफिस से निकलने से पहले परब ने कहा कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है और पूरा सहयोग देने की पेशकश की है. उन्हें इससे पहले 31 अगस्त को समन भेजकर तलब किया गया था. 

उन्होंने कहा, "मैं आज प्रवर्तन निदेशालय जा रहा हूं, जैसा मैंने पहले कहा है कि मैंने कुछ भी गलत नहीं किया है, मैं सभी सवालों के जवाब देने जा रहा हूं. मुझे नहीं पता है कि उन्होंने मुझे क्यों बुलाया है. वे जो भी मुझसे पूछेंगे मैं उसका जवाब दूंगा और सहयोग करूंगा." 

हालांकि पहले परब ने अपने व्यस्त कार्यक्रमों का हवाला देते हुए एजेंसी के सामने पेश होने से 14 दिन का समय मांगा था. शिवसेना सांसद संजय राउत ने पहले कहा था कि साथियों के खिलाफ कार्रवाई 'अपेक्षित' थी. उन्होंने एजेंसी के नोटिस भेजे जाने पर तंज कसते हुए 'उन्हें लव लैटर' बताया था. पिछले सप्ताह पार्टी के मुखपत्र सामना ने महाराष्ट्र के भाजपा नेताओं पर विरोधियों को धमकाने का आरोप लगाया था, साथ ही कहा था कि भाजपा निराधार आरोपों के जरिये विकास को रोकना चाहती है.