जिला कारागार, गोण्डा में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन

गोंडा । मा० जनपद न्यायाधीश श्री मयंक कुमार जैन के निर्देश के अनुपालन जिला कारागार , गोण्डा में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन एवं निरीक्षण जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गोण्डा के सचिव श्री कृष्ण प्रताप सिंह द्वारा कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए किया गया। विधिक साक्षरता शिविर में सचिव श्री सिंह द्वारा जानकारी देते हुए बताया गया कि वर्तमान में न्याय सभी के लिए उपलब्ध है , न्याय पाने का सभी को समान अधिकार है । यदि कोई व्यक्ति अपना मामला न्यायालय में प्रस्तुत करना चाहता है अथवा उसका कोई प्रकरण न्यायालय में लम्बित है तो उस व्यक्ति की गरीबी न्याय दिलाने में रूकावट नही होगी । वर्तमान समय में तहसील स्तरीय न्यायालय से उच्च न्यायालय एवं उच्चतम न्यायालय तक न्याय दिलाये जाने हेतु विधिक सेवा समितिया, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण , उच्च न्यायालय एवं उच्चतम न्यायालय विधिक सेवा समितियां कार्य कर रही हैं। कोई भी व्यक्ति जो अनुसूचित जाति या जनजाति का सदस्य है , मानव दुर्व्यव्हार एवं बेगारी से पीड़ित है , स्त्री या बालक है , मानसिक रूप से अस्वस्थ अथवा असमर्थ है , जातीय हिंसा , अत्याचार , औद्योगिक कर्मकार आदि श्रेणी में आने वाले व्यक्ति हैं , तो निःशुल्क विधिक सहायता पाने के हकदार हैं। इसके लिए आवेदन जिले में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को करना पड़ेगा। दूरस्थ ग्रामीण एवं दूरगामी क्षेत्रों में रहने वाले व्यक्ति आनलाइन के माध्यम से विधिक सेवाओं की जानकारी तथा निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त कर सकते है। विधिक साक्षरता शिविर में सचिव द्वारा निःशुल्क विधिक सहायता के सन्दर्भ में सांविधानिक उपबन्ध , दण्ड प्रकिया संहिता में वर्णित उपबन्ध व माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिये गये अद्यतन निर्णयों पर भी विस्तृत रूप से जानकारी दिया गया । सचिव द्वारा कारागार अस्पताल का निरीक्षण करते समय इलाज हेतु भर्ती बंदीगण के स्वास्थ्य आदि के बारे में पूंछताछ किया गया। बन्दीगण के समुचित इलाज हेतु संबंधित को निर्देशित किया गया। भोजनालय का निरीक्षण कर साफ - सफाई हेतु आवश्यक निर्देश दिया गया। इस अवसर पर जिला कारागार के जेलर दीपाकर भारती , उप कारापाल विवेक सिंह तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के लिपिक मुकेश कुमार वर्मा आदि अन्य कर्मचारीगण उपस्थित रहे।