राधा रानी के जन्म लेते ही पूरा ब्रज हुआ राधा मय


मथुरा/बरसाना।अखंड ब्रम्हांड नायक 16 कला अवतारी श्री कृष्ण की अहलाद शक्ति श्री राधा रानी के मंगलवार प्रात: चार बजे जन्म लेते ही पूरा ब्रज राधा मय हो गया।गोस्वामीजनों ने राधारानी का पंचामृत से अभिषेक किया। मंदिर परिसर राधारानी के जयकारों से गूंज उठा।इस दौरान राधारानी के जन्म के पदों का सस्वर गायन किया।पदों को सुन भक्तजन भी झूम उठे।श्रीजी महल को दुल्हन की तरह सजाया गया। मंदिर में पद गाये गए। भाद्रपद शुक्ल अष्टमी के अवसर पर कीरति नंदिनी के जन्म के साथ ही ब्रजाचार्य नारायन भट्ट द्वारा प्रकट विग्रह को चांदी की चौकी और रजत पात्र में विराजमान कर सेवायतों ने मूल शांति के लिए 27 कुओं का जल, 27 पेड़ों की पत्ती, 27 तरह की औषधियों, 27 मेवा व 27 ब्राह्मण, सोने चांदी की मूल मूलनी और कांस्य के बने तेल के छाया पात्र के साथ हवन किया।इसके बाद दूध, दही, शहद, बूरा, इत्र, घी, गुलाबजल, गोघृत, पंच मेवा, पंच नवरत्न, केसर आदि से राधारानी के श्रीविग्रह का करीब एक घंटे तक अभिषेक किया।