परिवार का प्रेशर है इस लिए फिल्मों से दूर हैं अरुणा ईरानी

सिनेमा की बेहतरीन चरित्र अभिनेत्री अरुणा ईरानी ने बातचीत में ये बात कहीं , ‘हम सभी को नॉर्मल स्थिति के आने और सेट पर लौटने में वक्त लगेगा। मेरी उम्र को देखते हुए, मुझे लगता है कि काम के लिए घर से निकलने का ये सही वक्त नहीं है। कभी कभी मुझे लगता है कि काम करना शुरू कर देना चाहिए लेकिन अपनी जिंदगी को लेकर मैं डर जाती हूं और नए प्रोजेक्ट्स को नहीं लेती।’

अरुणा ईरानी ने आगे कहा, ‘परिवार वालों की तरफ से प्रेशर दिया जा रहा है कि मुझे काम करना बंद कर देना चाहिए। मैं उनसे पूर्णतः सहमत भी हूं क्योंकि वो मेरा ख्याल रखते हैं। उनका मानना है कि मैंने अब तक बहुत काम कर लिया है और अब मुझे आराम करने की जरूरत है, मैं भी इसे सही मानती हूं। लेकिन फिर मुझे घर पर बैठे बैठे बोरियत होने लगती है।’ अरुणा ईरानी का कहना है कि हालांकि उन्हें काम के ऑफर तो बहुत मिल रहे हैं लेकिन वो अभी किसी भी प्रोजेक्ट को हां नहीं कह रहीं हैं। अरुणा ईरानी ने 70 और 80 के दशक की फिल्मों में बतौर हीरोइन बेहतरीन काम किया। साल 1971 में आई फिल्म, ‘कारवां’ से अरुणा ईरानी स्टार बन गईं थीं। इस फिल्म के गाने, ‘चढ़ती जवानी मेरी चाल मस्तानी’ को अब भी काफी पसंद किया जाता है। अरुणा ईरानी को ‘पेट प्यार और पाप’ के लिए पहली बार बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का पुरस्कार मिला था। साल 1993 में आई फिल्म, ‘बेटा’ के लिए भी अरुणा को फिल्मफेयर का पुरस्कार मिला था।