॥ क्यूँ की बेवफाई ॥

क्यूँ हुई तूँ पराई हमसे करके बेवफाई

खता कुछ ना बताई हमें कुछ तो बता

क्यूँ हुई गैरों की दीवानी तोड़ प्रेम कहानी

क्या भूल हुई रानी हमें कुछ तो बता

क्यूँ मेरा दिल को दुःखाया क्यूँ जिगर  जलाया

मेरा घरोंदा गिराया हमें कुछ तो बता

क्या हुई हमसे खता कुछ पता तो बता

मेरी प्रेम की लता हमें कुछ तो बता

क्यूँ हुई तूँ बेगाना लिख दिया अफसाना

सारी नगर को बताना हमें कुछ तो बता

जीवन कर दी अंधियारा मुझको करके किनारा

मैं था तेरा ही दुलारा हमें कुछ तो बता

तेरा प्यार  का तराना क्यूँ हुआ अब पुराना

सुबह तेरे गली में आना जाना हमें कुछ तो बता

क्यूँ तुँ चुनरी थी ओढ़ाई कसमें प्यार की थी खाई

हम पे जुल्म सितम है ढाई हमें कुछ तो बता

सारे शहर में हुई रूसवाई अब तो मौत की घड़ी आई

कफन ओढ़ा दे हरजाई हमें विदा तो करा

एक दिन हँसेगा जमाना सुन कर तेरा ये अफसाना

ताना मारेगा ये जमाना तब तो चल जायेगा पता


उदय किशोर साह

मो० पो० जयपुर जिला बाँका बिहार

9546115088