जीवन जीने की कला विज्ञान द्वारा ही संभव


 ऊ जनपद में राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस मऊ के तत्वावधान में गूगल मीट के माध्यम से कार्यशाला देव भास्कर तिवारी की अध्यक्षता में संपन्न हुई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजेंद्र प्रसाद जिला विद्यालय निरीक्षक एवं विशिष्ट अतिथि डॉक्टर संतोष कुमार सिंह रहे। ऑनलाइन कार्यशाला को डॉ जे पी राय वरिष्ठ वैज्ञानिक बीएचयू साउथ कैंपस डॉक्टर अखिलेश मिश्र वरिष्ठ प्रधानाचार्य वैज्ञानिक तकनीकी निदेशक विज्ञान एंड टेक्नोलॉजी भारत सरकार तथा डॉक्टर विनय कुमार सिंह वरिष्ठ वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केंद्र पिलखी मऊ  एवं डॉ विजय कुमार राज्य एकेडमी समन्वयक राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस ने गूगल मीट के माध्यम से संबोधित किया। जिला समन्वयक ऋषिकेश पांडेय ने बताया कि राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस बच्चों में उनकी वैज्ञानिक अभिरुचि को जागृत करता है, साथ ही साथ वैज्ञानिक विधियों द्वारा स्थानीय समस्याओं पर प्रोजेक्ट बनाया जाता है, जिसके माध्यम से बच्चों की प्राकृतिक नैसर्गिक जिज्ञासा  विकसित होती है। बाल वैज्ञानिक राष्ट्र के भविष्य के प्रति सार्थक सपने सहयोग कर उन्हें साकार करने के लिए प्रोत्साहित कर एक ऐसी पीढ़ी का निर्माण करते हैं जो समाज और राष्ट्र के प्रति संवेदनशील एवं उत्तरदायी तथा जवाब देय हो।  बाल विज्ञान को नवाचार युक्त सामूहिक कार्य और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े सवालों

 आज के कार्यशाला का मुख्य विषय सतत जीवन के  लिए विज्ञान था। राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस द्वारा कोविड-19 की महामारी के समय  भी बहुत से ऐसे कार्यक्रम चलाए गए जो समाज और देश के लिए हितकर रहे। आज की कार्यशाला में मुख्य अतिथि ने बताया कि जीवन जीने की कला विज्ञान द्वारा ही संभव है जल ही जीवन है  वह दिन दूर नहीं होगा जब जल के लिए अगला विश्व युद्ध हो। खंड शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि ग्रामीण परिवेश के बच्चों के लिए यह बहुत ही सार्थक कदम होगा। कार्यक्रम के अध्यक्ष देव भास्कर तिवारी ने सभी  वैज्ञानिकों राज्य एकेडमिक समन्वयक राज्य समन्वयक और कार्यशाला में प्रतिभाग करने वाले प्रधानाचार्य मार्गदर्शक शिक्षकों शिक्षिकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस मऊ के विकास में मील का पत्थर साबित होगा और आज की कार्यशाला में 70 मार्गदर्शक शिक्षकों ने प्रशिक्षण लिया । डॉ विजय कुमार  ने प्रोजेक्ट लिखने की विधि को बताया डॉ विनय कुमार सिंह ने कृषि उत्पादन में कमी के कारणों की खोज को समझाया । डॉ जे पी राय ने आंकड़ों के माध्यम से सतत जीवन के लिए विज्ञान को बहुत अच्छी तरह प्रस्तुत किया ।डॉक्टर अखिलेश मिश्रा ने कहा कि मेरा मऊ जनपद एवं डीएवी कॉलेज मऊ से बहुत ही गहरा संबंध है, मऊ के बुनकरों की स्वास्थ्य समस्या एवं तमसा नदी की गंदगी को प्रोजेक्ट के माध्यम से मूर्त रूप दिया जा सकता है। आज के कार्यशाला के अवसर पर अरुण कुमार मिश्र डॉक्टर शाश्वतानंद पांडेय शरद कुमार पांडेय बृजेश कुमार राय कुमारी आकर्षिका पांडेय यस पी पांडेय अरविंद पांडेय प्रवीण कुमार श्रीवास्तव मोहम्मद फैजुल हक मोहम्मद फैज अंजली यादव दिनेश दुबे महेंद्र यादव राजेश सिंह अवधेश यादव शबीहा आस्कीन अशोक कुमार मोहम्मद फहीम शहंशाह साजिद प्रशांत विक्रम सिंह प्रशांत पांडेय वैश्णवी पांडेय आर एन राव अर्चना सिंह सोनी   मनोज पाठक बर्षा रुवैया अंजुम वीर बहादुर सिंह तबस्सुम मोहम्मद असद आर यस गौतम आर्यस  प्रवेश कुमार गौतम मणिकांत चौबे मणि कांत दुबे रजत सिंह कार्यक्रम का संचालन जिला समन्वयक ऋषिकेश पांडेय ने किया।