किसानों को लेकर नेता के विवादित बयान, कहा- मैं मार-मार कर पैर

हरिमंदर सिंह ने कहा कि अगर मुझे बात करने के लिए बोला जाता तो मैं मार-मार के पैर तोड़ देता और जेल में बंद करवा देता। आगे उन्होंने कहा कि किसानों का यही हाल करना चाहिए। बताते चलें कि तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन लगातार जारी है। पिछले लगभग 9 महीनों से किसान दिल्ली बॉर्डर पर बैठे हुए हैं। सरकार के साथ 11 दौर की वार्ता के बाद भी दोनों पक्ष के बीच कोई फैसला नहीं हो पाया। जिसके बाद से सरकार और किसानों के बीच डेडलॉक जारी है। दोनों ही पक्षों के बीच अंतिम बार वार्ता 22 जनवरी को हुई थी।

दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे किसानों के धरने के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली की सरकारों को नोटिस जारी किया है। इन सभी राज्यों के मुख्य सचिवों, पुलिस महानिदेशकों और पुलिस आयुक्त से धरने के मामले में की गई कार्रवाई का ब्योरा देने को कहा गया है।

 इस धरने के संबंध में अनेक शिकायतें मिली हैं। खासकर नौ हजार छोटी व मंझली औद्योगिक इकाईयों पर इसका गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की बात सामने आई है।आयोग ने कहा है कि शिकायतें इस बारे में भी मिली हैं कि धरने के कारण लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी वाले रास्तों से सफर करना पड़ रहा है। सीमाओं पर अवरोध लगे हैं। आरोप यह भी है कि आंदोलनकारी किसान धरना स्थलों पर कोरोना नियमों का भी पालन नहीं कर रहे हैं।