कृषि कानूनों के खिलाफ काला दिवस मनाएगा अकाली दल, आप का पंजाब में कैंडल मार्च

पंजाब : कृषि कानूनों के खिलाफ आज शिरोमणि अकाली दल काला दिवस मनाएगा। केंद्र सरकार से अनुमति न मिलने के बाद भी शिअद संसद मार्च करेगी। शिअद प्रवक्ता ने कहा है कि वह बिना अनुमति दिल्ली कूच करेंगे, हालांकि उनका यह मार्च शांतिपूर्ण होगा।

मोगा में शिअद प्रधान सुखबीर बादल की चुनावी रैली के दौरान किसानों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर पंजाब के 32 किसान संगठन नाराज चल रहे हैं। संगठनों ने इस घटना पर अपनी नाराजगी प्रकट करते हुए शिअद सहित अन्य राजनीतिक दलों की चुनावी रैलियों के विरोध की घोषणा कर चुकी हैं। इसके बाद शिअद किसानों को मनाने में जुटा हुआ है।

इसी क्रम में 17 सितंबर को कृषि कानूनों के पारित होने के विरोध में शिअद ने दिल्ली में काला दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी। इस दौरान दिल्ली में शिअद ने रकाबगंज गुरुद्वारे से संसद तक मार्च निकालने का एलान किया था लेकिन केंद्र ने शिअद के इस मार्च को मंजूरी नहीं दी है। शिअद प्रवक्ता डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने बताया कि केंद्र की इजाजत के बगैर शिअद कार्यकर्ता दिल्ली में संसद मार्च निकालेंगे। हालांकि उनका यह मार्च शांतिपूर्ण ही रहेगा।

आम आदमी पार्टी (आप) तीनों कृषि कानूनों के विरोध में शुक्रवार को पंजाब भर में कैंडल मार्च निकालकर शहीद हुए किसानों को श्रद्धांजलि भेंट करेगी। इस दौरान 17 सितंबर को काले दिवस के रूप में मनाएगी। पार्टी प्रवक्ता किसान विंग के प्रदेशाध्यक्ष और विधायक कुलतार सिंह संधवा ने यह जानकारी देते हुए कहा कि केंद्र में मोदी सरकार द्वारा बनाए इन कानूनों के खिलाफ देश भर के किसानों में रोष है। इनके विरोध में देश के किसान एक वर्ष से धरने पर डटे हैं और कुर्बानियां दे रहे हैं। पंजाब में मौजूदा कैप्टन सरकार की सहमति से ही केंद्र की मोदी सरकार ने तीनों कृषि कानून बनाकर कृषि, किसान और अन्य सभी निर्भर वर्गों की आर्थिक बर्बादी की इबारत लिखी।