आईना

ये जो आईना है

बड़ा ही हिमायती है मेरा

मैं यहाँ चलती हूँ

मेरे साथ - साथ चलता है l


हो जाए की गलती तो

दिखाता है ये मुझको

सही रास्ते पर चलना

सिखाता है मुझको l


मैं रखती हूँ आईना

सदा ही दिमाग में

तांकि भूल कोई हो जाए ना

मुझ से जज्बात में l


कई लोग मुझको ,कहते हैं भला बुरा

वो भी देते हैं किरदार

निखार बड़ा मेरा

मैं शुक्रगुजार रहती हूँ

उस हर सक्ष की जो भी 

मुझको दिखाते हैं आईना l


करमजीत कौर, शहर - मलोटमलोट

 जिला - श्री - मुक्तसर साहिब, पंजाब