विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस

विचार आत्महत्या का,

कभी ना मन में लाना है।

दिया है ईश ने हमको,

ये अनमोल खजाना है।


कभी टूटे जो आशाएं,

तो निराश मत होना।

असफलता मिले हर पल,

तो हताश मत होना।


रणभूमि है जीवन,

हमें डट कर के लड़ना है।

काँटों से भरी राहों पे,

हमें हँस के क चलना है।


दिल टूट जाए जो,

जरा हैरत ना तुम करना।

रीति है ये दुनियाँ की,

सदा ही याद ये रखना।


भरोसा कर तू ईश्वर पे,

करेगा न्याय वो एक दिन।

कटेगी रात काली सी,

मिलेंगी खुशियाँ फिर हर दिन।


अपनी कोख में माँ ने,

मुश्किल से संभाला है।

वक्षामृत पिला करके,

तुझे नाजों से पाला है।


कभी आए जो मन में,

बुरा भाव मरने का।

समझना वक्त आया है,

खुद से ही लड़ने का।


करना याद बच्चों को,

तुमने पैदा किया जिनको।

कभी माँ बाप ना भूलो,

तेरा ही आसरा जिनको।


स्वरचित

सपना (सo अo)

जनपद-औरैया