थाना समाधान दिवस का जायज़ा लेने कोतवाली नानपारा पहुॅचे डीएम

बहराइच। जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण हेतु प्रत्येक माह के द्वितीय एवं चतुर्थ शनिवार को आयोजित होने वाले सम्पूर्ण थाना समाधान दिवस का जायज़ा लेने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चन्द्र ने कोतवाली नानपारा का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान डीएम ने आये हुए फरियादियों की समस्याओं की सुनवाई करते हुए सम्बन्धित अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिये। कोतवाली नानपारा में आयोजित समाधान दिवस में 06 प्रार्थना-पत्र प्राप्त हुए थे जिसमें से 02 का निस्तारण मौके पर किया गया।  

जिलाधिकारी डॉ. चन्द्र ने सम्पूर्ण थाना समाधान दिवस में मौजूद लेखपालों के बस्तों का अवलोकन करते हुए बस्तों में उपलब्ध अभिलेखों तथा खसरा रजिस्टर का जायज़ा लेते हुए संतोष व्यक्त किया। उन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिया कि सम्पूर्ण थाना समाधान दिवस पर सभी आवश्यक अभिलेख साथ में लायें ताकि मौके पर ही अधिक से अधिक प्रकरणों का निस्तारण किया जा सके। जिलाधिकारी डॉ. चन्द्र ने राजस्व व पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि भूमि विवाद से सम्बन्धित प्रकरणों में मौके पर जाकर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने लेखपालों को सचेत किया कि यदि भविष्य में पाया जाता है कि कोई लेखपाल बिना बस्ते के समाधान दिवस में आया है तो सम्बन्धित के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी।

इस अवसर पर जिलाधिकारी ने निर्विवाद उत्तराधिकार अभियान अन्तर्गत दर्ज ऑनलाइन वरासत की भी लेखपालवार समीक्षा की गयी। समीक्षा में लेखपाल बलराम यादव द्वारा बताया गया कि उनके द्वारा ग्राम लक्ष्मनपुर मटेही में 41, अमवाहुसैनपुर में 40 व गुरघुट्टा में 82 कुल 163, बृज बहादुर जायसवाल द्वारा बताया गया कि उनके द्वारा नानपारा देहाती में 193, भटेहटा में 65 व मेहरबाननगर में 35 कुल 293 तथा विनय प्रसाद द्वारा बताया गया कि ग्राम ताजपुर में 45, इमलिया गंगापुर में 25 व सिसवारा में 22 कुल 97 ऑनलाइन वरासत दर्ज की गयी हैं। इसके अलावा अन्य लेखपालों द्वारा भी निर्विवाद उत्तराधिकार अभियान अन्तर्गत दर्ज ऑनलाइन वरासत का विवरण प्रस्तुत किया गया। सर्वाधिक ऑनलाइन वरासत दर्ज करने पर जिलाधिकारी ने लेखपाल बलराम यादव च बृज बहादुर जायसवाल को नकद पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया।

जिलाधिकारी डॉ. चन्द्र ने सम्पूर्ण थाना समाधान दिवस में मौजूद लेखपालों को निर्देश दिया कि अपने-अपने हल्के के किसानों को फसल अवशेष प्रबन्धन के लिए जागरूक करें। उन्होंने इस बात की जानकारी दी जाये फसल अवशेष का बेहतर एवं वैज्ञानिक ढंग से प्रबन्धन किये जाने हेतु कृषि विभाग द्वारा अनुदान पर डिकम्पोज़ीटर, मल्चर, हैपीसीडर एवं रोलर इत्यादि यन्त्र प्राप्त किये जा सकते हैं। किसानों को इस बात की भी जानकारी दी जाय कि फसल अवशेष को जलाना संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है इसलिए पराली इत्यादि का बेहतर प्रबन्धन कर किसान इससे भूमि की उर्वरा शक्ति में इज़ाफा कर सकते हैं। फसल अवशेष प्रबन्धन के सम्बन्ध में उप कृषि निदेशक टी.पी. शाही द्वारा भी लेखपालों को उपयोगी जानकारी प्रदान की गयी। इससे पूर्व जिलाधिकारी ने तहसील नानपारा पहुॅचकर राष्ट्रीय लोक अदालत के अवसर पर निस्तारित किये जाने वाले वादों के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी नानपारा राम आसरे वर्मा, अध्यक्ष, न.पा.परि. नानपारा व ई.ओ., कोतवाल संजय कुमार सिंह मौजूद रहे।