नदियां कर रही हैं जबरदस्त कटान, ग्रामीण परेशान

- सड़कों पर गुजर बसर करने को मजबूर बाढ़ पीड़ित

रेउसा/सीतापुर। शनिवार को घाघरा व शारदा नदियों के जलस्तर में धीमी गति से बढ़ोतरी हो रही है। नदियों के घटते - बढ़ते जलस्तर के चलते ग्रामीणों को अपने घर व खेत गवाने पड़ रहे हैं। बीते एक माह से नदियां कहर बरपा रही हैं। करीब आधा सैकडा घर व सैकड़ों बीघा किसानों के खेत कटकर नदियों में समा चुके हैं। गोलोक कोड़र के फौजदार पुरवा, परमेश्वर पुरवा, पासिन पुरवा, खुशी पुरवा, लाला पुरवा आदि पांच मजरों पर जमकर नदियों का कहर बरपा है।

 घर व खेती तबाह होने पर ग्रामीण खेत खलिहान, संपर्क मार्गों पर त्रिपाल व झुग्गी झोपड़ी डालकर जीवनी व्यतीत कर रहे हैं। दुर्गा पुरवा गांव के विनोद कुमार, जागेश्वर, अरुणदीन, प्रमोद यादव के घरों को घाघरा नदी ने निगल लिया है। गनीमत यह रही कि इन घरों में रहने वाले परिवार पहले ही घरों को खाली कर चुके थे। अन्य ग्रामीण अपने घरों को उजाड़ कर सुरक्षित स्थानों की तरफ पलायन कर रहे हैं।

 ग्रामीण ट्रैक्टर ट्रॉलियों में सामान भरकर आसाराम पुरवा, मोदीनगर, बसंतापुर संपर्क मार्गों पर अपने आशियाने बना रहे हैं। मेउड़ी छोलहा गांव में शारदा नदी कटान कर रही है। जेटपुरवा एवं श्री राम पुरवा के बीच में किसानों के खेतों में कटान हो रहा है। सदानंद लेखपाल ने बताया गोलोक कोडर के जतैहिया, मरेली, मुंशी पुरवा सहित गांव के ग्रामीणों को राशन सामग्री किट वितरण मारूबेहड़ बाढ़ चौकी पर किया जा रहा है।