स्नेह का मरहम

शादी के 3 महीने बाद ही जिया को पता चला कि उसके पति मिहिर का किसी दूसरी जाति की लड़की रूपाली के साथ शादी से पहले ही अफेयर चल रहा था और उसने जिया से शादी केवल अपने माता-पिता के दबाव के चलते की थी क्योंकि उसके माता पिता रूपाली के साथ मिहिर की शादी के सख्त खिलाफ थे।वह जिया को बिल्कुल भी पसंद नहीं करता था परंतु माता-पिता की जिद ने उसे शादी के बंधन में बनने के लिए मजबूर कर दिया था।

शादी के बाद भी मिहिर का अपनी प्रेमिका रुपाली से मिलना जुलना कम नहीं हुआ और यह बात जिया को शादी के कुछ ही दिनों बाद पता चल गई थी। इसको लेकर उसके और मिहिर के बीच कई बार बहस भी हो जाती थी, परंतु मिहिर ने साफ शब्दों में जिया को बता दिया कि पिताजी द्वारा अपनी जान देने की धमकी की वजह से उसे जिया से शादी करनी पड़ी अन्यथा वह कभी इस रिश्ते में स्वयं को नहीं बांधता। 

मिहिर की ऐसी बातें सुनकर जिया बुरी तरह से टूट गई ।उसका कलेजा फटने को आ गया क्योंकि उसने सच्चे दिल से मिहिर के साथ अपनी शादी के पवित्र रिश्ते को स्वीकार किया था और जिंदगी भर उस रिश्ते को निभाने का प्रण भी लिया था। परंतु अब मिहिर के लिए जिया के साथ और अधिक रहना असहनीय होता जा रहा था क्योंकि उसके दिलो-दिमाग पर सिर्फ और सिर्फ रूपाली ही छाई हुई थी। अत:उसने साफ शब्दों में जिया को तलाक देने के लिए कह दिया। जिया भी  जबरदस्ती इस नीरस और बिना प्रेम के इस रिश्ते में अब स्वयं को अधिक समय तक नहीं बांध पाई और बिना कुछ कहे तलाक के कागजों पर अपने हस्ताक्षर कर अपने मायके चली आई ।

परंतु जिया अब अपने माता-पिता पर बोझ नहीं बनना चाहती थी क्योंकि घर में उसके दो छोटे भाई बहन और थे जिनकी जिम्मेदारी भी उसके पिताजी पर ही थी।जिया ने एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी के लिए आवेदन किया और उसकी योग्यता के आधार पर उसे एक अच्छी नौकरी मिल भी गई।

प्रेम प्यार जैसे शब्दों से अब उसका विश्वास उठ चुका था।ऑफिस में काम करने वाले समर को जिया का शांत स्वभाव बड़ा ही भाता था ।वह उससे बात करने की बहुत कोशिश करता था, परंतु जिया केवल कार्य संबंधी बात करके चुप हो जाती थी।6 महीने का समय बीत गया ।ऑफिस के काम के सिलसिले में जिया को शहर से बाहर जाना पड़ा ।चूंकि टीम वर्क था इसलिए उसके साथ समर और कंपनी के 2 अन्य कर्मचारी भी साथ गए ।

समर दिल ही दिल में जिया को चाहने लगा था और उसने यह बात टूर के दौरान जिया को बता भी दी। वह जानता था कि जिया किन हालातों से निकलकर वर्तमान में अपना जीवन जी रही है परंतु वह जिया को उसके भूतकाल के साथ भी अपनाने को सहज तैयार था ।

समर हाल ही में कोरोना के कारण अपने माता पिता दोनों को खो चुका था और अब उसे अपने जीवन में जिया जैसी सुलझी और शांत स्वभाव की लड़की की ही तलाश थी । बात  जिया के घर तक पहुंची और जिया के माता-पिता ने जिया को इस रिश्ते के लिए मना लिया और साल के भीतर उन दोनों की शादी भी करवा दी। 1 साल होने को है जिया और समर एक सुखी वैवाहिक जीवन जी रहे हैं।

जिया के घावों पर मरहम लगाने का जो काम समर ने किया वह आज की युवा पीढ़ी को एक सकारात्मक संदेश भी देता है कि दूसरों के घावों पर मरहम लगाने से कभी-कभी हमारी खुद की जिंदगी भी संवर जाती है।


पिंकी सिंघल

शालीमार बाग दिल्ली