मेरे कान्हा

न तो मै मीरा हूँ तेरी 

न समझो तुम राधा है,                         

तेरे बिन मेरा ये जीवन 

लगता है बस आधा है,                        

दर्शन तेरे ही पाने 

दिनरात तुम्हारा नाम जपूं,                    

नाम तुम्हारा ही लेने से 

मिट जाती हर बाधा है

मेरे कान्हा तेरी मुरली 

मेरा मन मोह लेती है,

नये पथ पर मेरे कदमों को

हरदम मोड़ देती है,                  

सुनाते हो मधुर जब 

तान कान्हा आप मुरली की,               

'सजल' सुध बुध भुलाकर 

तुम से नाता जोड़ लेती है


मंजु कट्टा  'सजल' मेड़ता

 सिटी,नागौर-राजस्थान

9784189891